चिंताजनक: तमिलनाडु में 30 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित, 86% मरीजों में महामारी के कोई लक्षण नहीं
नई दिल्ली। तमिलनाडु में कोरोना वायरस का विस्फोट अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में अब तक संक्रमण के कुल 30,152 मामलों की पुष्टि की गई है जबकि महामारी से अब तक यहां 251 मौतें दर्ज की गई हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी रविवार को कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के कुल मामलों में से 86 प्रतिशत केस एसिम्प्टोमैटिक (कोई लक्षण नहीं) पाए गए। हालांकि लॉकडाउन और समय पर लिए गए फैसलों से महामारी के फैलाव पर काबू पाने में मदद मिली है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने दी ये जानकारी
फरवरी के बाद से राज्य में COVID-19 स्थिति और महामारी को रोकने को लेकर किए गए उपायों पर बात करते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा, कुछ विदेशी देशों की तुलना में और अन्य भारतीय राज्यों की तुलना में हमारे प्रदेश की मृत्यु दर सबसे कम रही है, साथ ही हमारे यहां मरीजों के ठीक होने की रफ्तार भी बाकियों से अच्छी रही है। हालांकि महामारी ने राज्य की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है लेकिन इसे वापस पटरी पर लाने के लिए कई उपाय किए गए हैं, यहां तक कि कुछ नए निवेशों को भी राज्य में आने के लिए प्ररित किया जा रहा है।
86% of #COVID19 cases in the state are asymptomatic. We have the highest recovery rate in India and the lowest mortality rate in the world: Tamil Nadu Chief Minister Edappadi K. Palaniswami pic.twitter.com/8QBYCRCMcu
— ANI (@ANI) June 7, 2020
86 प्रतिशत कोरोना प्रभावित व्यक्तियों में कोई लक्षण नहीं
सीएम के पलानीस्वामी ने आगे कहा कि तमिलनाडु में अब तक 30,152 सकारात्मक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 251 मौतें और 16,000 से अधिक लोग वायरस से ठीक हुए हैं। 4 जून, 2020 तक तमिलनाडु में लगभग 5.50 लाख कोविड-19 टेस्ट किए गए हैं। इन परीक्षणों के माध्यम से हमें पता चला कि 86 प्रतिशत कोरोना प्रभावित व्यक्तियों में कोई लक्षण नहीं थे। सीएम ने कहा, चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के तुरंत बाद राज्य सरकार ने फरवरी से ही महामारी को रोखने के लिए अभिनय शुरू कर दिया था, सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर चेक, सीमाओं को सील करना जैसे उपाय शामिल हैं।

क्या है एसिम्प्टोमैटिक का मतलब
जब कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से कोरोना संक्रमित होता है, लेकिन उसके अंदर कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखते हैं उसे एसिम्प्टोमैटिक कहते हैं। कोविड-19 के मामले में ज्यादातर ऐसे मरीज हैं जिनमें लंक्षणों का पता नहीं चला लेकिन वह फिर भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। देशभर में ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिसने केंद्र और राज्य सरकारों की चिंता बढ़ा दी है।
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