एंटी मोदी प्रोटेस्ट शुरू करने में देर कर दी, अखलाक की हत्या के बाद होना चाहिए था: स्वरा
नई दिल्ली। फिल्म अदाकारा स्वरा भास्कर ने एक बार फिर से नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। मंगलवार को कलकत्ता बुक फेयर में बोलते हुए स्वरा भास्कर ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन देर से शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन मोहम्मद अखलाक की लिंचिंग के बाद ही शुरू हो जाना चाहिए था। जिस तरह से मोहम्मद अखलाक को दादरी में महज मांस के एक टुकड़े की वजह से मार दिया गया उसके बाद ही मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो जाना चाहिए था।

देर से शुरू हुआ प्रदर्शन
स्वरा भास्कर ने कहा कि मुझे लगता है कि ये प्रदर्शन देर से शुरू हुआ है। मुझे लगता है कि हमे मोहम्मद अखलाक की हत्या के बाद ही सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना चाहिए था। वह समय ऐसा था जब उसी वक्त सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना चाहिए था। हमने बहुत देर कर दी। लेकिन कभी नहीं से कभी अच्छा है। बता दें कि सितंबर 2015 में दादरी में मोहम्मद अखलाक की उनके घर पर कुछ लोगों ने पीट-पीटकर मार दिया था। अखलाक पर आरोप था उनके घर बीफ था, जिसके चलते कुछ लोग उनके घर में घुसकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।

मैं लोगों का शुक्रिया अदा करती हूं
बता दें कि स्वरा भास्कर लगातार केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ लगातार मुखर हैं। वह नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी के खिलाफ लगातार मोदी सरकार का विरोध कर रही हैं। स्वरा ने कहा कि जिस तरह से प्रदर्शन हो रहे हैं वह एक बड़ी उम्मीद हैं। मैं इसे बड़ी उम्मीद के तौर पर देखती हूं। मैं भारत के सभी छात्रों, महिला प्रदर्शनकारियों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मुझे लगता है कि इन लोगों ने देश की अंतर्आत्मा को फिर से जगा दिया है। जब देश का संविधान खतरे में हो तो इससे बड़ी सेवा देश की नहीं हो सकती है।

महिलाओं अपने लिए सड़क पर नहीं हैं
स्वरा ने कहा कि ये वही महिलाएं हैं जो उस वक्त शांत थी जब उनके समुदाय पर हमला किया गया, उनके लोगों को लिंच किया गया, जब बाबरी मस्जिद को लेकर कोर्ट का फैसला आया। क्या उस वक्त इन महिलाओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। लेकिन जब हमारा संविधान खतरे में है तो ये लोग सड़क पर हैं। ये महिलाएं अपने लिए सड़क पर नहीं हैं बल्कि देश के भविष्य के लिए सड़क पर हैं। मुझे लगता है कि भारत अब जाग रहा है और अपनी आवाज को लोग उठा रहे हैं।

शाहीन बाग का किया समर्थन
बॉलीवुड अदाकारा ने कहा कि शाहीन बाग पार्क में आप देख सकते हैं कि लोग जाग रहे हैं, अपनी आवाज उठा रहे हैं। हर जगह ये प्रदर्शन हो रहे हैं। यहां हम अपनी एकता के नजरिए को रूप दे रहे हैं। वो नजरिया जो विविधता का सम्मान करता है, जो संविधान के मूल्यों पर भरोसा रखता है। बता दें कि इस बुक फेयर में फिल्म अदाकारा सयानी घोष ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि वो दिन गए जब आप गैर राजनीतिक रह सकते थे। जब भी जरूरत होगी मैं अपना राजनीतिक रुख अख्तियार करुंगी और अपनी राय रखूंगी। अगर ऐसा करने से मुझे काम नहीं मिलता है तो ऐसा ही ही सही।












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