सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हरिद्वार में चार अवैध धार्मिक ढांचों को हटाए उत्तराखंड सरकार
नई दिल्ली। हरिद्वार में सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए तय की गई डेडलाइन को आज (19 नवंबर) सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाकर 31 मई, 2021 तक कर दिया है। इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार को आदेश दिया है कि वह ये सनुनिश्चित करे कि तय की गई अंतिम तिथी तक हरिद्वार में उन चार अवैध धार्मिक ढांचों को हटाया जाए जो सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किया है। बता दें कि कुंभ मेले से पहले हर की पौड़ी और आसपास के क्षेत्र में तमाम अवैध निर्माणों को प्रशासन ने पहले ही हटा दिया है। राज्य सरकार के इस कदम का कई स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया है।

बता दें कि हरिद्वार में सार्वजनिक भूमि पर बने 4 धर्मस्थल हटाने के लिए SC ने राज्य सरकार को मई 2021 तक समय दिया है। राज्य में अवैध तरीके से बने धर्मस्थल हटाने का काम हाईकोर्ट के आदेश पर हो रहा है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने मार्च-अप्रैल 2021 में होने वाले कुंभ मेले के चलते 4 इमारतों को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम रोक की मांग की थी जिसे गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान स्वीकार कर लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार मई, 2021 के अंत तक सभी धार्मिक स्थलों द्वारा अवैध कब्जे को खाली कराए।

श्रद्धालुओं के लिए जारी किए जाएंगे पास
बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुंभ मेले की तैयरियों और आयोजन को लेकर अभी से आदेश जारी करने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को उन्होंने बताया कि 2021 में हरिद्वार कुंभ मेले के आयोजन में तय संख्या में ही लोग एकत्रित हो सकेंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं को पास जारी किए जाएंगे क्योंकि कोरोनो वायरस महामारी के कारण उनकी संख्या को सीमित रखा जाएगा। रावत ने कहा कि इस मामले में उन्होंने संतों से चर्चा की है और उन्होंने भी इसपर सहमति जताई है। कुंभ मेला दुनिया में इस तरह का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है। इस बार इतिहास में पहली बार ऐसा होगा, जब श्रद्धालुओं को पास जारी किए जाएंगे।
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