US Iran War Update: अमेरिकी हमलों से दहला ईरान का 'बंदर अब्बास', ट्रंप बोले- होर्मुज पर किसी का कंट्रोल नहीं
US Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को रोकने के लिए मध्यस्थ देशों की कोशिशों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित शांति समझौते का मसौदा विवादों में घिर गया। व्हाइट हाउस ने तेहरान की ओर से लीक किए गए शांति प्रस्ताव के दावों को पूरी तरह 'मनगढ़ंत' करार दिया है।
इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने जलमार्गों में अमेरिकी जहाजों की सुरक्षा का हवाला देते हुए ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं।

वहीं अमेरिका ने ईरान की उस नई एजेंसी पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग कंट्रोल और समुद्री गतिविधियों की निगरानी का काम करती है।
US Strikes Iran Bandar Abbas Explosions: बंदर अब्बास में 3 भीषण धमाके, एक्टिव हुए एयर डिफेंस सिस्टम
ईरानी मीडिया और स्वतंत्र खुफिया सूत्रों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) दक्षिणी ईरान के रणनीतिक तटीय शहर बंदर अब्बास के पास एक के बाद एक तीन शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज सुनी गई। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह हमला अमेरिकी ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में किया गया।
अमेरिकी वायुसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाले ईरानी मिसाइल ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया। इन धमाकों से ठीक पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के अधिकारी मोहम्मद अकबरजादेह ने बयान दिया था कि दुश्मन की कमजोरी के कारण युद्ध की संभावना कम है। हालांकि, अमेरिकी बमबारी के बाद पूरे बंदर अब्बास इलाके में हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर ट्रंप का बड़ा बयान: यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है
वाशिंगटन में आयोजित अपनी कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर पूछे गए सवालों का बेहद आक्रामक जवाब दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे किसी ऐसे अस्थायी समझौते (Temporary Deal) के लिए तैयार होंगे जो ईरान को इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण का अधिकार देता हो?
इस पर राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं रहेगा। यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र (International Waters) है और यह दुनिया के हर देश के जहाजों के लिए खुला रहेगा। कोई भी इस पर अपना दावा नहीं कर सकता। अगर ईरान हमारे साथ कोई समझौता चाहता है, तो उसे पूरी तरह से 'परफेक्ट' होना होगा। या तो वे हमारी शर्तों पर डील करें, वरना हम इस काम को पूरी तरह से खत्म (Finish the job) करना जानते हैं।
अमेरिका ने ईरान की नई शिपिंग एजेंसी 'PGSA' पर लगाया प्रतिबंध
सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (Treasury Department) ने ईरान के खिलाफ अपने 'आर्थिक दबाव अभियान' (Economic Pressure Strategy) को और तेज कर दिया है। अमेरिका ने ईरान द्वारा हाल ही में गठित की गई एजेंसी 'पर्रिशयन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' (Persian Gulf Strait Authority - PGSA) को अपनी विशेष रूप से नामित नागरिकों (SDN) की ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है।
क्या करती है यह ईरानी एजेंसी?
ईरान ने इस महीने की शुरुआत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों को रेगुलेट करने और उनसे प्रति जहाज 20 लाख डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) तक का अवैध टोल टैक्स वसूलने के लिए इस एजेंसी का गठन किया था।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा, वैश्विक समुद्री व्यापार से जबरन वसूली करने का ईरान का यह ताजा प्रयास साबित करता है कि अमेरिकी आर्थिक कार्रवाई (Economic Fury) ने शासन को पैसों के लिए कितना हताश कर दिया है।
दुनिया भर के बाजारों पर संकट
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की प्रभावी नाकेबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह हिल चुका है, क्योंकि दुनिया का एक-तिहाई तरल प्राकृतिक गैस और पांचवां हिस्सा कच्चा तेल इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। आगामी अमेरिकी मिडटर्म (मध्यावधि) चुनावों से ठीक पहले ईंधन की बढ़ती कीमतों ने ट्रंप प्रशासन पर भी राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। यही वजह है कि अमेरिका अब आर्थिक प्रतिबंधों और चौतरफा सैन्य हमलों के जरिए ईरानी नेतृत्व को पूरी तरह अपने आगे झुकाने की रणनीति पर काम कर रहा है।














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