'लिफाफा खोलिए और हमें डेटा दीजिए...', Electoral Bond केस में SBI ने मांगा वक्त, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- NO
Supreme Court Electoral Bond: सुप्रीम कोर्ट में आज भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की याचिका पर चुनावी बांड को लेकर सुनवाई हुई। एसबीआई ने इलेक्टरोल बॉन्ड की जानकारी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने वक्त देने से मना कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने जवाब में एसबीआई को कहा कि हमने आपसे डेटा मांगा था। लिफाफा खोलिए और हमें डेटा दीजिए। नहीं तो बताइए, कहां दिक्कत आ रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई के उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें भारत के चुनाव आयोग को चुनावी बॉन्ड का विवरण जमा करने के लिए 30 जून तक समय बढ़ाने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई से 12 जून यानी कल तक अपना सारा डेटा सार्वजनिक करते हुए चुनाव आयोग को देने को कहा है।
SBI की ओर से पेश वकील हरीश साल्वे ने क्या कहा?
- एसबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बैंक को भारत के चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए और ज्यादा समय की जरूरत है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हरीश साल्वे ने कहा कि, ''कोर्ट ने एसबीआई को बॉन्ड की खरीद की जानकारी देने के आदेश दिए थे...जिसमें बैंक से खरीदारों के साथ-साथ बॉन्ड का मूल्य, जनीतिक दलों का विवरण, पार्टियों को कितने बॉन्ड मिले ये तमाम जानकारियां मांगी गई हैं। लेकिन हमारे लिए सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि इस जानकारी को निकालने के लिए एक पूरी प्रक्रिया को उलटना पड़ेगा।''
- हरीश साल्वे ने आगे कहा, ''हमें एसओपी के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि बॉन्ड के खरीदार और बॉन्ड की जानकारी के बीच कोई संबंध नहीं रखा जाना चाहिए। हमें ये भी बताया गया है कि इसको पूरी तरह से सीक्रेट रखना है।''
Supreme Court Electoral Bond: जानिए क्या है पूरा मामाल?
सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी दी है कि 6 मार्च तक का समय दिया था, जिस पर एसबीआई ने 30 जून तक का समय मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ एक अलग याचिका पर भी सुनवाई करेगी, जिसमें एसबीआई के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है।
असल में याचिकाकर्ता एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनावी बॉन्ड की वैधता को लेकर याचिका दायर की है। एसबीआई को 6 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना था लेकिन ये इस अवधि में नहीं हो सका था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले एसबीआई को चुनावी बॉन्ड से जुड़ी हर आदेश का पालन करने को कहा था। चुनावी बॉन्ड के मामले में याचिकाकर्ता ADR ने अवमानना याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग भी की है। हालांकि प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में चुनावी बांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ये सीधे तौर पर अवमानना का मामला है।












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