सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर फर्जीवाड़ा करने पर FIR दर्ज करने के दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बलात्‍कार के आरोपी आसाराम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कि आसाराम के ऊपर नई एफआईआर दर्ज की जाए।

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने बलात्‍कार के आरोपी आसाराम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कि आसाराम के ऊपर नई एफआईआर दर्ज की जाए। आसाराम ने जमानत पाने के लिए फर्जी दस्‍तावेजों का प्रयोग किया था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम के खिलाफ इस मामले में नई एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही आसाराम के ऊपर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। आसाराम के ऊपर दो लड़कियों का बलात्‍कार करने का आरोप है। वहीं आसाराम का लड़का नारायण सांई भी एक लड़की के यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद है।

सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर फर्जीवाड़ा करने पर FIR दर्ज करने के दिए निर्देश

आसाराम को पहले जोधपुर कोर्ट में बंद किया गया था। पर बाद में स्‍वास्‍थ्‍य खराब होने को हवाला देकर उसे एम्‍स में भर्ती कराया गया था। अपने खराब का स्‍वास्‍थ्‍य का हवाला देकर ही वो जमानत पाने की कोशिश कर रहा था। पर सुप्रीम कोर्ट ने उसके फर्जी दस्‍तावेजों को पकड़ लिया और उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेप आरोपी आसाराम ने खुद ही बिना कोई कारण बताए एमआरआई जांच से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने भी आसाराम की जमानत याचिका का विरोध किया था। इस मामले में राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आसाराम के वकीलों ने जमानत मामले मे जोधपुर जेल सुपरिटेंडेंंट का फर्जी पत्र लगाया है। इस पत्र में आसाराम की हालत खराब होने की बात कही गई थी। रेप आरोपी आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 में गिरफ्तार किया था और तभी से वह जेल में है।

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