निश्चित को छोड़ अनिश्चित को पाकर रचा इतिहास! पढ़िए IAS ऑफिसर पल्लवी मिश्रा की कहानी
अगर आपके पास कुछ हासिल करने की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प है, तो खुद पर विश्वास करना आपकी सफलता की राह को रोशन कर सकता है। हालांकि, यह यात्रा हमेशा सीधी नहीं होती। ऐसी ही कहानी है IAS पल्लवी मिश्रा की, जिन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता पाने से पहले लॉ की छात्रा से गायिका बनने का सफर तय किया।
पल्लवी मिश्रा भोपाल की रहने वाली हैं और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा वहीं पूरी की। उन्होंने दिल्ली में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की। संगीत के प्रति उनके जुनून ने उन्हें इस क्षेत्र में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए प्रेरित किया। बचपन में उन्होंने स्वर्गीय पंडित सिद्धराम स्वामी कोरवार से शास्त्रीय गायन का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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परिवार का समर्थन से मिली सफलता
पल्लवी के परिवार ने उनकी उपलब्धियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके पिता अजय मिश्रा एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि उनकी मां डॉ. रेणु मिश्रा एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं। उनके बड़े भाई IPS आदित्य मिश्रा इंदौर के डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। पल्लवी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के अटूट समर्थन और प्रोत्साहन को देती हैं।
अपने पहले प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में असफल होने के बावजूद, पल्लवी ने हिम्मत नहीं हारी। मेन्स परीक्षा पास न कर पाने के बाद उसने अपनी कमियों को पहचाना और अपने दूसरे प्रयास के लिए उन्हें सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया। अपने निबंध लेखन कौशल और लगातार अभ्यास को निखारकर, उसने 2022 में 73 की अखिल भारतीय रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।
सोशल मीडिया का प्रभाव
पल्लवी के इंस्टाग्राम पर 60,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं। वर्तमान में उत्तरी गोवा में सहायक कलेक्टर के पद पर कार्यरत, उनका लक्ष्य अपनी सेवा के ज़रिए जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को संबोधित करना है। वह महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकारी योजनाओं के ज़रिए सक्रिय रूप से जुड़ती हैं।
उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ता और आत्मविश्वास से कैसे उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। रास्ते में आने वाली चुनौतियों के बावजूद, पल्लवी के अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पण ने सार्वजनिक सेवा में एक आशाजनक करियर का मार्ग प्रशस्त किया है।
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