देशद्रोह के लिए सिमी चीफ सफदर नगौरी समेत 11 को उम्रकैद
नगौरी को सिमी के दस दूसरे आतंकियों के साथ 28 मार्च 2008 को मध्य प्रदेश की एटीएस टीम ने गिरफ्तार किया था। एटीएस ने नगौरी और उसके साथियों के पास से वस्फोटक और दूसरे कई हथियार बरामद होने की बात कही थी।
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर की अदालत ने स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के चीफ सफदर नगौरी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने नगौरी को देशद्रोह के मामले में दोषी पाया और उसको उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने मामले की हाईकोर्ट में अपील करने और दोषी के लिए फांसी की सजा की मांग करने की बात कही है। नगौरी भी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगा।

नगौरी को सिमी के दस दूसरे आतंकियों के साथ 28 मार्च 2008 को मध्य प्रदेश की एटीएस टीम ने गिरफ्तार किया था। एटीएस ने नगौरी और उसके साथियों के पास से विस्फोटक और दूसरे कई हथियार बरामद होने की बात कही थी। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि नगौरी और उसके साथ देश में कई जगह पर आंतकी वारदातों की फिराक में थे। ये लोग सिमी पर 2002 में प्रतिबंध का बदला लेना चाहते थे। कोर्ट ने सभी जिन 11 सिमी आतंकियों को देशद्रोह का दोषी करार दिया है, इनमें से 10 आतंकी गुजरात की साबरमती जेल में बंद है जिन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से फैसला सुनाया गया।
इंदौर की विशेष अदालत में सफदर और उसके साथियों के खिलाफ देशद्रोह और अवैध हथियार रखने के मामले में प्रकरण चल रहा था। शुक्रवार को अभियोजक विमल मिश्रा ने सफदर सहित सभी आरोपियों से 334 सवाल किए थे। अभियोजन पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने आज (27 फरवरी) फैसला सुनाने की बात कही थी। विशेष न्यायाधीश बीके पालौदा ने सोमवार को सफदर सहित 11 आरोपियों को धारा 124 के तहत देशद्रोह का आरोपी माना और सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई।












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