कांग्रेस को शिवसेना की नसीहत, फर्जी धर्मनिरपेक्षता को छोड़िए, भाजपा से लड़ने के लिए नए तरीके अपनाइए
मुंबई, 16 मार्च। महाराष्ट्र में महाअघाड़ी की सरकार में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी सहयोगी हैं। लेकिन तीनों ही दलों के नेता समय-समय पर एक दूसरे पर निशाना साधने से नहीं चूकते हैं। शिवसेना ने एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे लेख में कांग्रेस को नसीहत दी गई है कि वह अपनी झद्म धर्म निरपेक्षता को छोड़े। इसके साथ ही इसमे कहा गया है कि वह भारतीय जनता पार्टी का मुकाबला करने के लिए एक वैकल्पिक विचारधारा को तैयार करे। शिवसेना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने द कश्मीर फाइल्स या हिजाब विवाद के जरिए जो धारणा बनाई है उसके खिलाफ एक धारणा को तैयार करना चाहिए।

सामना में छपे लेख में कहा गया है कि भाजपा की साइबर आर्मी फर्जी धारणा को तैयार करती है। भाजपा नेताओं नेऐसा ही काम पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र में करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें यहां पर सफलता नहीं मिली। यहां तक कि अखिलेश यादव ने भी भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश में अच्छी लड़ाई लड़ी। लेकिन कांग्रेस इन फर्जी धारणाओं से नहीं लड़ पा रही है। कांग्रेस और अन्य को यह सीखना चाहिए कि कैसे ऐसी धारणा लोगों में बनाई जाए ताकि भाजपा द्वारा लोगों के बीच हिजाब विवाद और द कश्मीर फाइल्स के द्वारा तैयार की गई धारणा का सामना किया जा सके।
समाना में छपे संपादकीय में कहा गया है कि जिस तरह से भाजपा चुनाव लड़ रही है,उसका सामना हम पुराने तरीकों से नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि जब कश्मीरी पंडितों ने घाटी को छोड़ा तो उस वक्त भाजपा के समर्थन से केंद्र में वीपी सिंह की सरकार थी। यही नहीं भाजपा के करीबी जगमोहन मल्होत्रा जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे। लोगों को यह सच्चाई बतानी चाहिए। कांग्रेस को अपने पुराने तरीकों को छोड़ना होगा।












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