बेटे की हार से टूट गए हैं शत्रुघ्न सिन्हा, बोले यह ईवीएम नहीं,'हर वोट मोदी' मशीन है
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में बेटे लव सिन्हा को हार का गहरा आघात अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा को लगा है। यह और ज्यादा तब गहरा हो गया जब शत्रुघ्न सिन्हा और पत्नी पूनम सिन्हा इसी वर्ष परायज का मुंह देख चुके है। बुधवार को एक ट्वीट में शत्रुघ्न सिन्हा PM मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि ईवीएम केवल चुनावी मशीन नहीं, बल्कि कईयों के अनुसार 'हर वोट मोदी मशीन' भी है। पिछले एक साल में शत्रुघ्न सिन्हा परिवार के 3 सदस्यों को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है।

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गौरतलब है बिहार के बांकीपुर विधानसभा से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव में किस्मत आजमां रहे लव सिन्हा को बीजेपी उम्मीदवार के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले 2019 लोकसभा चुनाव में पटना साहिब लोकसभा सीट से कैबिनेट मंत्री रविशंकर प्रसाद के खिलाफ कांग्रेस की टिकट पर खड़े हुए शत्रुघ्न सिन्हा हार चुके हैं।

जबकि सपा की टिकट पर केंद्रीय रक्षा मंत्री खिलाफ लखनऊ लोकसभा सीट पर खड़ी पत्नी पूनम सिन्हों को भी करारी हार का सामना करना पड़ा था। यानी कह सकते हैं कि एक वर्ष के भीतर शत्रुघ्न सिन्हा समेत परिवार के तीन सदस्यों की हार हुई है, जिसकी खीझ स्वाभाविक है।

सोशल नेटवर्किंग साइट ट्वीटर पर अपनी खींझ निकालते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा कि कल पूरी तरह से उत्साह, अपेक्षाओं, प्रत्याशा, भ्रम, चिंता और उथल-पुथल का माहौल था। और फिर आगे जोड़ते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर हमलावर होते हुए शत्रुघ्न सिन्हा लिखते हैं, ईवीएम के साथ, जो न केवल चुनावी वोटिंग मशीन नहीं, बल्कि कईयों के अनुसार हर वोट मोदी मशीन है।

माना जाता है किसबसे पहले कॉमेडियन कुनाल कामरा ने हर वोट मोदी नामक ट्वीट किया था। हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा ने हार टीस मिटाते हुए आगे लिखते हैं, लव हमें आप पर गर्व है, कई लोग आपसे सीख सकते हैं। जब मैंने शुरूआत की थी, तो आपने ईमानदारी और पूरी लगन के साथ काम किया था। इसके बाद शत्रुघ्न सिन्हा को बेटे की हार की टीस सालती दिखाई देती है और वह फिर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हैं।

गौरतलब है बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एक बार फिर सत्तारूढ़ एनडीए को बिहार की जनता ने बहुमत देकर सत्ता तक पहुंचा दिया है। एनडीए सहयोगी जदयू को जहां 43 सीटें हासिल हुईं, जबकि बीजेपी 74 सीटें जीतने में कामयाब हुई। हालांकि 75 सीटों के साथ महागठबंधन का नेतृत्व कर रही राजद ने सर्वाधिक 75 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। एनडीए सहयोगियों में शामिल विकासशील इंसान पार्टी को चार सीटें हासिल हुईं, जबकि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के खाते में 4 सीटें आईं।












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