Delhi के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर में बड़ा हादसा, प्रसाद हॉस्पिटल में आग लगने से 4 मरीजों की मौत, कई घायल
Muzaffarpur Hospital Fire: दिल्ली के मालवीय नगर के एक होटल में लगी आग की घटना के बाद अब बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में तड़के सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग अस्पताल के बेहद संवेदनशील हिस्से यानी आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी थी। इस भीषण हादसे में अब तक 4 मरीजों की मौत होने का दावा किया जा रहा है, वहीं 20 से अधिक मरीजों के गंभीर रूप से झुलसने और घायल होने की खबर है।

ICU वार्ड से उठा धुआं
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में जैसे ही आग भड़की, पूरे परिसर में जहरीला और काला धुआं फैल गया। वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक प्रणालियों पर मौजूद मरीजों के लिए यह धुआं जानलेवा साबित हुआ। देखते ही देखते धुएं के गुबार ने पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मरीजों का दम घुटने लगा। इस हादसे में घायल हुए 20 से ज्यादा मरीजों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
खिड़कियां तोड़कर बचाई गई जान
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आग तड़के सुबह करीब 3 बजे लगी, जब ज्यादातर मरीज और उनके तीमारदार सो रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब एक दर्जन (12) गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम ने भारी मशक्कत के बीच राहत और बचाव कार्य शुरू किया। अस्पताल के भीतर फंसे मरीजों को निकालने के लिए दमकल कर्मियों को खिड़कियां और दरवाजे तक तोड़ने पड़े। रेस्क्यू किए गए सभी मरीजों को तुरंत दूसरे सुरक्षित अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है।
मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में आग लगने की घटना में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है, और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
आग की घटना पर क्या बोले जिला मजिस्ट्रेट
मुजफ्फरपुर के जिला मजिस्ट्रेट सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि, प्रसाद अस्पताल के ICU में लगी भीषण आग के कारण कई लोगों की जान चली गई। मौके पर तुरंत पहुंची दमकल की टीमों ने आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। अब तक मिली रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि, 'अस्पताल में कुल 15 मरीज भर्ती थे, और अब तक हमें उनमें से 13 के रिकॉर्ड मिल गए हैं। कुछ मरीज CCU में भी इलाज करवा रहे थे। उन्हें अब पास के अस्पतालों में शिफ़्ट कर दिया गया है और भर्ती करा दिया गया है। हमने उनके परिवार वालों के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। हमारे पास जो भी जानकारी आ रही है, हम उसकी जांच कर रहे हैं। अभी तक, चार लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। हमने शव देखे हैं, और सिविल सर्जन ने भी मौतों की पुष्टि की है।'
'यह एक बहुत ही दुखद घटना है। हमारी प्राथमिकता पूरी तरह से जांच करना है। यह पता लगाने के लिए एक खास टीम बनाई जाएगी कि यह घटना आखिर कैसे हुई, और आगे की सभी कार्रवाई कानून के मुताबिक की जाएगी। पहली नज़र में, ऐसा लगता है कि यह घटना शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई है। हालांकि, इसका सही कारण विस्तृत जांच के बाद ही पता चल पाएगा।'
कितने बजे हुआ हादसा?
घटना की लाइव स्थिति की जानकारी देते हुए अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय ने बताया कि उन्हें सुबह 3 बजे के आसपास अस्पताल में आग लगने का अलर्ट मिला था। जब तक फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची, तब तक स्थिति बेहद नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी और पूरा आईसीयू वार्ड काले धुएं से चोक हो चुका था।
अस्पताल के ICU वार्ड में कैसे लगी आग?
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में अचानक भड़की इस भीषण आग के पीछे शुरुआती तौर पर बिजली का शॉर्ट सर्किट मुख्य वजह माना जा रहा है। शुरुआती इनपुट्स के अनुसार, बिजली के बोर्ड या मेडिकल उपकरणों में शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारी निकली और उसने तेजी से आग का रूप ले लिया। हालांकि, हादसे की वास्तविक और सटीक वजह क्या थी, यह पूरी तरह से फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही साफ हो सकेगा।















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