Shashi Tharoor: क्या राहुल से नाराज हैं थरूर? पार्टी मीटिंग से फिर बनाई दूरी, 'डिस्टेंस पॉलिटिक्स' से हलचल तेज
Shashi Tharoor News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर पार्टी की अहम बैठक से अनुपस्थित रहे। शुक्रवार, 12 दिसंबर को राहुल गांधी की अध्यक्षता में लोकसभा सांसदों की बैठक हुई, जिसमें थरूर नहीं पहुंचे।
इससे उनके लगातार अनुपस्थित रहने को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार, थरूर ने पहले ही नेतृत्व को अपनी अनुपलब्धता की जानकारी दे दी थी। वहीं, कांग्रेस के चीफ व्हिप ने कहा कि उन्हें थरूर की गैरहाज़िरी की वजह का पता नहीं है।

लगातार गैरमौजूदगी पर बढ़ी चर्चा
थरूर पिछले कई हफ्तों से कांग्रेस लोकसभा बैठकों में दिखाई नहीं दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या बीजेपी के प्रति 'नरम' टिप्पणी समझे जाने के बाद से उन पर पार्टी नेतृत्व की नजर भी बढ़ी है। हालिया बैठक में चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी भी अनुपस्थित रहे।
थरूर की सार्वजनिक डायरी के अनुसार, 11 दिसंबर की रात वह कोलकाता में प्रभा खैतान फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में थे, जिसके कारण वे बैठक के लिए दिल्ली नहीं पहुंच सके।
पहले भी दी गई सफाई
1 दिसंबर को थरूर ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने 30 नवंबर की कांग्रेस रणनीतिक बैठक को जानबूझकर नहीं छोड़ा था। उन्होंने कहा था कि बैठक के दौरान वह केरल से दिल्ली लौटने वाली फ्लाइट में थे। इससे पहले SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) मुद्दे पर हुई बैठक से अनुपस्थिति पर उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था।
उनके कार्यालय ने बताया था कि वह अपनी 90 वर्षीय मां के साथ केरल से देर वाली फ्लाइट से आ रहे थे, जिससे समय पर पहुंचना संभव नहीं था। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी उस बैठक में शामिल नहीं हो पाए थे क्योंकि वह केरल में स्थानीय निकाय चुनाव अभियान में व्यस्त थे।
केवर शशि थरूर को मिला था 'पुतिन डिनर इंविटेशन'
थरूर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में आयोजित राष्ट्रपति भवन के राज्य भोज में आमंत्रित किया गया था-और वह इस भोज में शामिल होने वाले अकेले कांग्रेस नेता थे। इस पर पार्टी के भीतर नाराज़गी देखने को मिली।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने तंज भरे अंदाज़ में कहा था-"हर किसी की अंतरात्मा की आवाज होती है। जब मेरे नेता आमंत्रित नहीं किए जाते लेकिन मुझे बुलाया जाता है, तो समझना चाहिए कि खेल कौन खेल रहा है और क्यों हमें उसका हिस्सा नहीं बनना चाहिए।"
कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से नहीं दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेतृत्व ने थरूर की गैरहाज़िरी पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। लेकिन पार्टी के भीतर यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर थरूर महत्वपूर्ण बैठकों में क्यों गैरहाज़िर रहते हैं-सिर्फ संयोगवश, या कुछ और वजह है। थरूर ने हालांकि अपनी हर अनुपस्थिति को यात्रा या स्वास्थ्य संबंधित कारणों से उचित ठहराया है। लेकिन लगातार बैठकें मिस होने से राजनीतिक हलकों में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ रही है।












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