राजद्रोह कानून: SC में आया पंडित नेहरू का जिक्र, महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार को जमकर सुनाई
नई दिल्ली, 11 मई: देशद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि मौजूदा सरकार वह कर रही है जो पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू नहीं कर सकते थे। इस पर तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने तंजिया लहजे में तुषार मेहता और केंद्र सरकार को जवाब दिया है। महुआ ने कहा कि ये बात सही है क्योंकि नेहरू अदालत में झूठ नहीं बोल सकते थे।

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सुप्रीम कोर्ट में राजद्रोह कानून को चुनौती देने वालों में महुआ मोइत्रा भी शामिल हैं। महुआ ने अपने ट्वीट में लिखा- एसजी तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जो पंडित नेहरू नहीं कर सके, वर्तमान सरकार कर रही है। आप सही कह रहे हैं, सर। नेहरू अदालत में कभी झूठ नहीं बोल सकते थे, वो देशवासियों की जासूसी नहीं कर सकते थे, ना ही वो निर्दोषों को गिरफ्तार करा सकते थे और ना ही अपनी आलोचना करने वालों को बिना किसी सुनवाई के जेलों में बंद करा सकते थे। इतना ही नहीं है, उन कामों की काफी लंबी सूची है जो नेहरू नहीं कर सकते थे और मौजूदा सरकार कर रही है।
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई के दौरान अदालत में कहा था कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी राजद्रोह कानून के प्रावधानों को आपत्तिजनक बताते हुए जल्दी से जल्दी इसे खत्म करने की बात कही थी।
कपिल सिब्बल ने कहा कि किसी को भी असंतोष व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए, जब तक कि हिंसा को उकसाया ना जाए। सिब्बल की दलील पर सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि मौजूदा सरकार वो कर रही है जो नेहरू नहीं कर सके थे। बता दें कि राजद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिकाएं एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा समेत 5 पक्षों ने दायर की हैं।












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