SC में हिंदू पक्ष की मजबूत पैरवी करने वाले वरिष्ठ वकील के परसरन होंगे राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के मुखिया
नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन कर दिया गया है। इस ट्रस्ट की कमान सुप्रीम कोर्ट के वकील के परसरन (92) को दी गई है। के परसरन ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद पर फैसला देते हुए कहा था कि अगले तीन महीने में राम मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया जाए, जिसके बाद सरकार ने श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम के ट्रस्ट का गठन किया है, जोकि मंदिर निर्माण के कार्य को देखेगी। इस ट्रस्ट के मुखिया के परसरन होंगे। ट्रस्ट का रजिस्टर्ड मुख्यालय परसरन का आवास होगा जोकि आर ब्लॉक ग्रेटर कैलाश-1, साउथ दिल्ली है।
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9 नवंबर को आया कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट में इस पूरे मामले की सुनवाई के दौरान परसरन ने मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन के तर्कों पर पलटवार किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने विवादित स्थल को हिंदू पक्ष को सौंप दिया था। जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में अहम स्थान पर पांच एकड़ जमीन मस्जिद निर्माण के लिए देने का आदेश सुनाया गया था। कोर्ट के फैसले के बाद आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत और सुरेश भैय्याजी जोशी परसरन से मुलाकात के लिए उनके घर पहुंचे थे और उनका शुक्रिया अदा किया था।
ये लोग हो सकते हैं ट्रस्ट में
राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ट्रस्ट के गठन का एलान किया था। पीएम मोदी के एलान के बाद गृहमंत्री अमित शाह ट्वीट करके कहा कि इस ट्रस्ट में कुल 15 लोग होंगे, जिसमे एक दलित सदस्य भी शामिल होगा। सूत्रों की मानें तो गृह मंत्रालय ट्रस्ट में सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर सकता है, जिसमे एक ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर का अधिकारी और दूसरा अयोध्या के डीएम हो सकते हैं। वीएचपी के एक सूत्र के अनुसार ट्रस्ट में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य, पीजावर मठ के विश्व तीर्थ, वेद विद्या प्रतिष्ठान के स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज शामिल हो सकते हैं।
13 सदस्यों के नाम फाइनल
सूत्रों के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए ट्रस्ट में सिर्फ धार्मिक हिंदुओं को ही शामिल किया जाएगा। सूत्र के अनुसार ट्रस्ट के 13 सदस्यों के नाम फाइनल कर दिए गए हैं, जबकि दो नामों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। परसरन से पहले यूपी के महंत नृत्य गोपाल दास के नाम पर भी चर्चा हुई थी कि उन्हें ट्रस्ट का मुखिया बनाया जाए।












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