शिवसेना (UBT) की 'तीखी आवाज़' संजय राउत ने राजनीति से लिया ब्रेक, PM ने दी प्रतिक्रिया, क्या है मामला?
Sanjay Raut Health: शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अगले दो महीने तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहने की घोषणा कर दी है। अपनी तीखी बयानबाजी और बीजेपी के मुखर आलोचक के रूप में मशहूर राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक भावनात्मक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें इलाज के दौरान भीड़भाड़ और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। राउत ने नए साल तक पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राउत के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है, जिससे यह खबर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

स्वास्थ्य कारणों से लिया ब्रेक
संजय राउत ने खुद सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो गई हैं और वह इस समय इलाज के दौर से गुजर रहे हैं। अपनी 'एक्स' पोस्ट में उन्होंने अपने शुभचिंतकों के प्यार और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों ने उन्हें उपचार के लिए अगले दो महीने तक सार्वजनिक जीवन, भीड़भाड़ और कार्यक्रमों से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी है। हालांकि, राउत ने अपनी बीमारी की प्रकृति या स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वह नए साल तक पूरी तरह से ठीक होकर राजनीति में सक्रिय रूप से लौटेंगे।
PM मोदी ने जताई चिंता
संजय राउत की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तुरंत राउत के स्वास्थ्य पर प्रतिक्रिया दी। राउत की 'एक्स' पोस्ट पर जवाब देते हुए, पीएम मोदी ने लिखा, "संजय राउत जी, आपके शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।" यह महत्वपूर्ण है क्योंकि राउत, जो विपक्षी महाविकास अघाड़ी का एक प्रमुख चेहरा हैं, सत्तारूढ़ भाजपा और सीएम एकनाथ शिंदे सरकार के सबसे मुखर आलोचक रहे हैं। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री द्वारा स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताना चर्चा का विषय बन गया है।
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विपक्ष की 'तीखी आवाज' की अनुपस्थिति
संजय राउत महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) की सबसे तीखी और बेबाक आवाज़ माने जाते हैं। वह नियमित रूप से मीडिया के सामने आते हैं और सत्तारूढ़ दल पर हमला बोलते हैं। उनकी दो महीने की अनुपस्थिति से विपक्षी गठबंधन 'महाविकास अघाड़ी' के चुनावी और राजनीतिक कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, राउत 1 नवंबर को चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले थे, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी पार्टी के अन्य नेताओं को निभानी होगी। उनकी अनुपस्थिति से शिवसेना (UBT) को महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी धार बनाए रखने के लिए अन्य वरिष्ठ नेताओं पर निर्भर रहना पड़ेगा।
वापसी की उम्मीद और पार्टी की चुप्पी
राज्यसभा सांसद राउत ने अपने संदेश में सकारात्मकता दिखाते हुए नए साल तक पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद जताई है। उनकी यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब शिवसेना (यूबीटी) पार्टी के आंतरिक और बाहरी दोनों मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से राउत के स्वास्थ्य पर कोई आधिकारिक बुलेटिन या विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है, जिससे उनके समर्थकों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों में उनकी बीमारी की गंभीरता को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। सभी को उम्मीद है कि वह जल्द ही स्वास्थ्य लाभ लेकर राजनीतिक मैदान में अपनी पुरानी भूमिका में लौटेंगे।
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