Maharashtra Suicide Case में नए खुलासे! पोस्टमार्टम में लापरवाही या दबाव? परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
Maharashtra Suicide Case: महाराष्ट्र के सातारा जिले में सरकारी डॉक्टर की आत्महत्या का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। 29 वर्षीय महिला डॉक्टर की मौत के बाद लगातार नए दावे, आरोप और खुलासे सामने आ रहे हैं।
एक ओर जहां मृतका के परिवार ने जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, वहीं अब यह दावा भी किया जा रहा है कि डॉक्टर ने शायद एक दूसरा सुसाइड नोट भी छोड़ा हो सकता है।

बता दें कि 29 वर्षीय सरकारी डॉक्टर का शव सातारा के एक होटल के कमरे में मिला। डॉक्टर के हाथ पर लिखे एक सुसाइड नोट में उन्होंने एक पुलिस अधिकारी पर यौन शोषण (Sexual Assault) और मकान मालिक के बेटे पर लगातार उत्पीड़न का आरोप लगाया था। यह नोट मराठी भाषा में लिखा गया था।
परिवार वालों ने क्या आरोप लगाएं?
मृतका की चचेरी बहन ने मीडिया से बात करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कई नियमों का उल्लंघन किया गया। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, जब उसकी मौत हुई, तब सुबह 6 बजे तक कोई डॉक्टर पोस्टमार्टम करने नहीं आया। बिना परिवार की मौजूदगी में उसका शव घर से अस्पताल ले जाया गया। यह सब कुछ हमारे सामने होना चाहिए था, लेकिन हमें अंधेरे में रखा गया। इन आरोपों के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
"एक और सुसाइड नोट होने की संभावना"
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि डॉक्टर ने अपनी परेशानियों और संघर्षों को अक्सर लिखित रूप में दर्ज किया था। इसलिए उन्हें शक है कि एक और आत्महत्या पत्र मौजूद हो सकता है, जो अभी तक सामने नहीं आया है। डॉक्टर की बहन ने कहा, वह बहुत संघर्षशील थी, उसने चार पन्नों की शिकायतें तक लिखी थीं। सिर्फ हथेली पर लिखे कुछ शब्दों के साथ वो अपनी बात खत्म नहीं कर सकती। हमें पूरा यकीन है कि एक और नोट होगा।
एसआईटी जांच की मांग
डॉक्टर के परिवार ने मांग की है कि मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जाए और उसमें महाराष्ट्र के बाहर की एक महिला अधिकारी को शामिल किया जाए। परिवार का आरोप है कि महाराष्ट्र पुलिस के कुछ अधिकारी इस मामले में प्रभाव डालने की कोशिश कर सकते हैं।
डॉक्टर की चचेरी बहन ने यह भी आरोप लगाया कि मृतका पिछले एक साल से राजनीतिक और पुलिस दबाव में थी। उन्होंने कहा, उसे मजबूर किया जा रहा था कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गलत जानकारी दे और फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करे। अस्पताल के कुछ मेडिकल स्टाफ भी इसमें शामिल थे। उसे लगातार ज़्यादा से ज़्यादा पोस्टमार्टम करने को कहा जाता था, जबकि अन्य अधिकारी मौजूद होते थे।
दो आरोपित गिरफ्तार
इस बीच, सातारा पुलिस ने इस मामले में पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) गोपाल बडने और प्रशांत बंकर को गिरफ्तार किया है। हालांकि, बंकर के परिवार ने पलटवार करते हुए दावा किया कि डॉक्टर ने उन्हें इसलिए आत्महत्या नोट में नामजद किया क्योंकि उन्होंने उसका विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
यह मामला अब राज्य में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन गया है। डॉक्टर के परिवार और स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि इस केस की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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