'राम मंदिर के नाम पर हिंदुओं को लूटा', Uddhav Thackeray ने खेला हिंदुत्व कार्ड, शुरू किया 'राम रक्षा आंदोलन'
Uddhav Thackeray Ram Raksha Andolan: महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक बार फिर 'हिंदुत्व' के मुद्दे पर घमासान छिड़ गया है। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के विवाद के बीच, शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
रविवार, 5 जुलाई को मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर के बाहर सैकड़ों शिवसैनिकों की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे ने बकायदा 'राम रक्षा स्तोत्र', 'हनुमान चालीसा' और 'मारुति स्तोत्र' का पाठ किया।

इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी पार्टी के नए और बड़े अभियान 'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत कर दी। उद्धव ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि "राम के नाम पर हिंदुओं को लूटा जा रहा है।"
Shivsena UBT का क्या है राम रक्षा आंदोलन?
उद्धव ठाकरे ने दो दिन पहले इस आंदोलन का ऐलान किया था। रविवार को मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर के बाहर इसकी औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम की शुरुआत राम रक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा और मारुति स्तोत्र के पाठ से हुई। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने बड़ी संख्या में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। इसे पूरे महाराष्ट्र में चलाया जाएगा और बाद में दूसरे राज्यों तक भी ले जाया जाएगा।
"हिंदुओं को हिप्नोटाइज कर दिया गया है, अब जागने का समय है"
उद्धव ठाकरे ने रैली को संबोधित करते हुए अपने पिता और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के पुराने दिनों की याद दिलाई। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा-"आज देश के हिंदुओं को हिप्नोटाइज (सम्मोहित) कर दिया गया है। मैं देश के सभी हिंदुओं से अपील करता हूं कि वे जागें और भगवान राम के नाम पर लूट मचाने वालों के खिलाफ लड़ें। जब देश का हिंदू डरा हुआ था, तब बालासाहेब ठाकरे ने 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' का नारा देकर उनमें आत्मविश्वास भरा था। आज मैं फिर से वही नारा दोहरा रहा हूं- गर्व से कहो हम हिंदू हैं!"
रामायण का जिक्र करते हुए उद्धव ने मोदी सरकार पर जमक निशाना साधा। कहा-जैसे हनुमान जी ने लंका जलाई थी, वैसे ही अब सच्चे राम भक्त रावण की सोने की लंका को जलाएंगे। हम अन्याय की लंका को जलाकर खाक कर देंगे।
Uddhav Thackeray ने फिर दोहराया बाल ठाकरे का नारा
उद्धव ठाकरे ने अपने पिता और शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे को याद करते हुए कहा कि जब हिंदू खुद को असुरक्षित महसूस करते थे, तब बालासाहेब ने उन्हें आत्मविश्वास दिया था। इसके बाद उन्होंने फिर वही मशहूर नारा दोहराया-गर्व से कहो हम हिंदू हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आज भी बाल ठाकरे के हिंदुत्व के रास्ते पर चल रही है।
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार हिंदुओं को लूट रही है। पहले केदारनाथ और बद्रीनाथ, अब अयोध्या। कहा जाता है कि अयोध्या तो सिर्फ ट्रेलर है, आगे काशी और मथुरा हैं। मुझे चिंता है कि वहां भी क्या होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को हिंदुओं का सबसे बड़ा रक्षक बताते हैं, आज उन्हीं पर सवाल उठ रहे हैं।
'असली हिंदुत्व किसका?' 2022 के बाद फिर छिड़ी जंग
उद्धव ठाकरे का यह 'राम रक्षा आंदोलन' सिर्फ चंदे के विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे महाराष्ट्र का बड़ा सियासी एंगल है। साल 2022 में एकनाथ शिंदे ने बगावत करके उद्धव ठाकरे की महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार को गिरा दिया था। शिंदे का तर्क था कि उद्धव ने कांग्रेस और एनसीपी से हाथ मिलाकर बालासाहेब ठाकरे के 'हिंदुत्व' को छोड़ दिया है।
चुनाव आयोग ने भी शिंदे गुट को 'असली शिवसेना' मान लिया था। लेकिन अब उद्धव ठाकरे ने 'राम रक्षा आंदोलन' के जरिए भाजपा और शिंदे गुट से 'हिंदुत्व' का वही पुराना सियासी पिच वापस छीनने की कोशिश की है। उद्धव ने साफ कर दिया कि उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ा है, हिंदुत्व का नहीं।
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने बताया कि इस आंदोलन की शुरुआत भले ही मुंबई के दादर से हुई हो, लेकिन आने वाले दिनों में यह आंदोलन पूरे महाराष्ट्र और फिर देश के अन्य राज्यों में भी फैलाया जाएगा














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