ड्रग्स चाहिए तो चाहिए फिर चाहें 'सामान' बेचना पड़े या 'जिस्म'
नयी दिल्ली। लंबी कानूनी लड़ाई, राजनीतिक पैंतरेबाजी और सोशल मीडिया पर जमकर मचमच मचाने के बाद डायरेक्टर अभिषेक चौबे और प्रोड्यूसर अनुराग कश्यप की फिल्म 'उड़ता पंजाब' रिलीज होने के लिए तैयार है। लोगों का कहना है कि इससे पंजाब राज्य का नाम खराब हो रहा है, पर अगर कोई सच में असलियत पता करना चाहता है तो जरा आंकड़ों पर नजर डाल ले। जी हां ड्रग्स की लत में 'बर्बादी' का पंख लगाकर पंजाब सच में 'उड़' रहा है। इस हसीन ड्रग तस्कर ने करायी 180 लोगों की हत्या, कहानी जान कांप उठेंगे आप

एक वक्त में ब्यूटी पार्लर चलाती थी अंतरा
अंतरा ने बताया कि हेरोइन के लत ने मुझसे मेरे सारे सपने छीन लिए। मैं अब बिल्कुल बर्बाद हो चुकी हूं। स्थिति यहां तक है कि आज मैं परिवार को 10 रुपये तक नहीं दे सकती। कभी मैं ब्यूटिशियन का कोर्स करके ब्यूटी पार्लर चलाती थी, लेकिन अब मेरी मां मुझे पहले जैसी देखने के लिए तरस रही हैं और मैं खुद फील करती हूं कि मैंने बहुत बड़ी गलती की है।
एक बार किया ट्राई फिर ऐसी पड़ी आदत कि...
अंतरा ने बताया कि अब मुझे बस दो चीजें समझ में आती हैं। एक मैं और दूसरा नशा। अंतरा ने कहा कि शादी के कुछ महीने बाद ही इस नशे के जाल में फंस गईं थी फिर वो इस मदहोशी की दुनिया में इतनी आगे निकल गईं कि परिवार, ससुराल, दोस्त, सपने, सबकुछ कहीं पीछे छूट गया। वह कहती हैं कि मैं सोचा था कि चलो एक बार ट्राइ करते हैं, लेकिन बाद में ऐसी आदत पड़ी कि छूट ही नहीं रहा।
घर का सामान बेच कर मिटाया नशे का लत
अंतरा का कहना है कि मैं रोज हेरोइन ले रही हूं। कभी होता है कि सुबह से शाम तक न मिला हो, लेकिन फिर अरेंज हो जाता है। एक दिन का 2-3 हजार तो खर्च हो ही जाती है। अंतरा ने बताया कि हमें जो दहेज में मिला था। हमने सब बेच दिया है। हमारे पास आमदनी का कोई सोर्स नहीं था। घर का कीमती सामान बेचकर हमने ये गंदा नशा किया है।












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