कभी बेटे 'शोर्य' तो कभी 'डोकलाम' के कारण साल भर छाए रहे अजीत डोभाल
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नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल, आई.पी.एस. (सेवानिवृत्त), इस बार अपने पर्सनल कारणों की वजह से पूरे साल सुर्खियों में रहे। भारत के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बारे में खबर आई की उनके बेटे शौर्य डोभाल द्वारा संचालित इंडिया फाउंडेशन में नरेंद्र मोदी सरकार के चार मंत्री निदेशक हैं, यह संस्थान कई ऐसे विदेशी और भारतीय कॉरपोरेट्स से चंदा लेता है, जो सरकार के साथ सौदेबाजी करते हैं और उनकी कंपनी में किसी पाकिस्तानी कारोबारी सैयद अली अब्बास की भी भागीदारी है, जिससे भारत के सबसे प्रभावशाली थिंक-टैंक इंडिया फाउंडेशन की अपारदर्शी वित्तीय संरचना और शौर्य डोभाल के काम पर सवाल खड़े हो गए थे, जिसने हितों के टकराव और लॉबीइंग की संभावना को भी जन्म दे दिया था, जिसके कारण मोदी सरकार पर सीधा हमला करने का मौका विपक्ष को मिल गया था और इसी वजह से गुजरात चुनावों से पहले जमकर कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की।

कांग्रेस ने कहा कि एनएसए अजित डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल के कारोबारी साझेदार सैयद अली अब्बास एक पाकिस्तानी हैं। उनका दूसरा व्यावसायिक साझेदार सऊदी अरब से है उस पर अमित शाह और पीएम मोदी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन कांग्रेस के किसी भी आरोप पर भाजपा और मोदी की प्रतिक्रिया नहीं आई बल्कि सारे आरोपों को दरकिनार करते हुए उन्होंने अजीत डोभाल पर जमकर भरोसा दिखाया और उन्हें देश के अहम मुद्दे डोकलाम पर बात करने के लिए ब्रिक्स भेजा, जहां उन्होंने सिक्किम सीमा के पास स्थित डोकलाम को लेकर जारी गतिरोध पर चीनी समकक्ष यांग जिची से बात की। डोभाल और यांग दोनों भारत-चीन सीमा तंत्र के विशेष प्रतिनिधि थे, डोभाल की मेहनत रंग लाई और डोकलाम से चीनी सेना कदम पीछे किए, हालांकि इसमें वक्त लगा लेकिन इसमें संदेह नहीं कि डोभाल ने अपना काम बखूबी किया।
डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल अब बीजेपी में शामिल
फिलहाल अब खबर आई है कि डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उत्तराखंड में बीजेपी की कार्यसमिति की बैठक में शौर्या की बीजेपी में एंट्री हुई है, सियासी पंडित मान रहे हैं कि शौर्य को बीजेपी मैदान में उतारने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि शौर्य राज्यसभा के जरिए संसद में दिख सकते हैं। इसकी भी चर्चा है कि बीजेपी उन्हें किसी लोकसभा सीट के जरिए मैदान में उतार सकती है। शौर्य का इस तरह से बीजेपी में आना उनके पिता की मेहनत का ही नतीजा माना जा रहा है, हालात ये बताने के लिए काफी है कि अजीत कुमार डोभाल पर बीजेपी के किसी भी व्यक्ति को कोई शक नहीं।












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