Pradyuman Murder Case में आरोपी अशोक के परिवार का दावा- गर्म और ठंडे पानी में सिर डुबोकर कबूल कराया जुर्म
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गुरुग्राम। Ryan International School में कक्षा दूसरी के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के मामले में हरियाणा पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए बस कंडक्टर अशोक कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आरोपी नहीं माना है। दूसरी ओर उसके अशोक के परिजनों ने भी दावा किया है कि उसके साथ हरियाणा पुलिस ने ज्यादती की है। अशोक के चाचा ओपी चोपड़ा ने दावा किया है कि अशोक का सिर गर्म और ठंडे पानी में डुबोकर उससे Pradyuman Case में जुर्म कबूल कराया गया है। बता दें कि 16 नवंबर को अशोक की जमानत याचिका पर सुनावई होगी। अशोक के वकील मोहित वर्मा ने कहा कि CBI ने उनके मुवक्किल को 16 नवंबर के दिन 10 बजे पेश होने के लिए कहा है। वर्मा ने बताया कि उन्होंने अशोक की जमानत याचिका में लिखा है कि इस अपराध के लिए CBI ने एक बच्चे को गिरफ्तार कर लिया है। एक ही मामले में दो-दो प्रमुख संदिग्धों का नाम कैसे हो सकता है? वर्मा ने कहा कि एक चीज पक्की है कि अशोक मानवाधिकारों के उल्लंघन और जांच में लापरवाही बरतने का एक मुकदमा जरूर दायर करेगा।

परिजनों से हुई अशोक की मुलाकात
वहीं कल 10 नवंबर को अशोक ने अपने परिजनों से मुलाकात की। अशोक के चाचा ओपी चपोड़ा ने कहा कि उसने पूछा कि उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई कब होगी? चोपड़ा, अशोक की पत्नी ममता और उसके 8वर्षीय बच्चे के साथ जेल में अशोक से मिलने गए थे।

जब मैंने कोई जुर्म ही नहीं किया तो...
चोपड़ा ने कहा कि जेल अधिकारियों ने उसे इस बात की जानकारी दी कि इस मामले में 11वीं कक्षा के एक छात्र को गिरफ्तार किया गया है। चोपड़ा के अनुसार अशोक वापस अपनी पुरानी नौकरी ज्वाइन करना चाहता है। चोपड़ा के अनुसार अशोक ने उनसे कहा कि जब उसने कोई जुर्म ही नहीं किया है तो वो क्यों डरे?

मेरी जिंदगी नरक हो गई है
वहीं इस मामले में लगातार पुलिस और पूछताछ के दायरे में रहने वाले स्कूल बस के ड्राइवर सौरभ राघव भी परेशान हो गया है। उसने एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि 'मैंने क्या किया है? बीते दो महीने से मेरी जिंदगी नरक हो गई है। कभी हरियाणा पुलिस तो कभी CBI पूछताछ करने आती है।'

स्कूल की बस चलाना मना
घटना के बाद मैं स्कूल गया तो मुझे स्कूल बस चलाने की अनुमति नहीं दी गई। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती मैं यह जगह छोड़कर जा भी नहीं सकता। हर रोज मैं सुबह साढ़े 6 बजे यह जानते हुए भी मेरा समय बेकार जाएगा तब भी स्कूल जाता हूं। जब कोई ड्राइवर नहीं आता तभी मुझे चलाने को दी जाती है। दावा किया कि पूछताछ के दौरान हरियाणा पुलिस ने उसके टॉर्चर किया जबकि CBI ने सिर्फ सवाल पूछे।

ये था अशोक का सपना
वहीं अशोक की मां केला देवी प्रद्युम्न की मां और पिता के प्रति कृतज्ञ हैं। अंग्रेजी समाचार पत्र से केला देवी ने कहा कि वरुण ठाकुर ने अपना बेटा खो दिया लेकिन मेरा बेटा बचा लिया। मैं इस परिवार की कर्जदार रहुंगी। केला देवी ने कहा कि अशोक ने पूरी उम्र संघर्ष किया। उसका सपना था कि वो छोटा सा घर बना ले, अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर ले और बच्चों को अच्छी शिक्षा दे।

अशोक पत्नी ममता ने कहा...
वहीं 10 नवंबर को अशोक से जेल में मिलने गई पत्नी ममता ने कहा कि जब भी उनसे मिलना होता है वो बहुत ही भावुक क्षण होता है। मैं उनसे जब भी मिलती हूं वो रोने लगते हैं। हाथ जोड़कर कहते हैं कि वो निर्दोष हैं। ममता ने कहा कि अशोक अपने परिवार को बाकी अन्य चीजों से ज्यादा प्यार करते हैं।












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