• search

IS में शामिल होने वालों के लिए फर्जी पासपोर्ट दिलाने में पुलिस का हाथ, NIA कर रही है जांच

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। दुनिया के लिए आतंक का सबसे खौफनाक चेहरा इस्लामिक स्टेट लगातार सरकारों की मुश्किल बढ़ा रहा है। आईएस में शामिल होने के लिए जाने वाले भारतीयों के पासपोर्ट वेरिफिकेशन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक आईएस में शामिल होने के लिए जाने वाले लोगों के पासपोर्ट वेरिफिकेशन में पुलिस मदद कर रही थी, इस बाबत तमिलनाडु के एक पुलिस अधिकारी पर शक है, एनआईए इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस मामले में पुलिस की भी भूमिका है और उसने संगठन में शामिल होने के लिए जाने वालों को मदद पहुंचायी है।

    नाम उजागर नहीं

    नाम उजागर नहीं

    जानकारी के अनुसार आरोप है कि आईएस में शामिल कन्नूर के शाहजहां वेल्लू कैंडी के पासपोर्ट के वेरिफिकेशन में पुलिस ने मदद की है, उसे सीरिया जाने में पुलिस ने मदद की। वेल्लू को तुर्की के जरिए सीरिया पहुंचाने में पुलिस की मदद की खबर सामने आई है। इस आरोप में चेन्नई के हेड कॉस्टेबल के खिलाफ एनआईए जांच कर रही है। हालांकि मामले की गंभीरता व जांच की गोपनीयता को देखते हुए पुलिस अधिकारी के नाम को उजागर नहीं किया गया है।

    जो पता दिया वह निकला फर्जी

    जो पता दिया वह निकला फर्जी

    खबर के मुताबिक पुलिस अधिकारी ने पासपोर्ट के लिए जो आवेदन किया गया था उसके बाद पते और उसमे रिफरेंस के लिए दिए गए नाम मका सही से वेरिफिकेशन नहीं किया गया है। जिसकी वजह से शाहजहां मोहम्मद इस्माइल मोईद्दीन के नाम से व्यक्ति फर्जी पासपोर्ट हासिल करने में सफल रहा। बाद में इस बात की जानकारी मिली की जो पते इस रिफरेंस में दिए गए वो असल में थे ही नहीं।

    दो बार कर चुका था कोशिश

    दो बार कर चुका था कोशिश

    पासपोर्ट कार्यालय की ओर से शाहजहां को 22 मार्च 2017 को पासपोर्ट जारी किया गया था, यह पासपोर्ट चेन्नई रीजनल पासपोर्ट ऑफिस की ओर से जारी किया गया था। एनआईए की चार्जशीट के अनुसार 32 वर्ष के शाहजहां का संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से था, वह अपने साथियों के साथ दो बार केरल से तुर्की होते हुए सीरिया जाने की कोशिश कर चुका था और आखिरकार अप्रैल 2017 में वह सीरिया पहुंचने में सफल रहा।

    कॉस्टेबल का नाम चार्जशीट में नही

    कॉस्टेबल का नाम चार्जशीट में नही

    चार्जशीट के अनुसार इंस्ताबुल में एक रूसी एजेंट की मदद से शाहजहां सीरिया पहुंचने में सफल हुआ था। जिस डेह कॉस्टेबल पर आरोप है कि उसने शाहजहां की मदद की है उसका नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया है ,लेकिन सूत्रों की मानें तो उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Police allegedly helped people to get passport who wanted to Join ISIS. Head constable under the radar of NIA.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more