संसद में बोले पीएम मोदी, भारत अब अनसुलझी समस्याओं के लिए इंतजार नहीं कर सकता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (गुरुवार) लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम मोदी ने कहा कि यह देश को दिशा देने वाला अभिभाषण है। यहां सभी ने अपने-अपने तरीकों से बातें रखी हैं। मोदी ने कहा कि अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने न्यू इंडिया का विजन रखा है।

पीएम मोदी ने कहा, लोगों ने सिर्फ एक सरकार बदली है, केवल ऐसा नहीं है, बल्कि सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है। इस देश की एक नई सोच के साथ काम करने की इच्छा और अपेक्षा के कारण हमें यहां आकर काम करने का अवसर मिला है। मोदी ने कहा कि भारत अब अनसुलझी समस्याओं के लिए इंतजार नहीं कर सकता, अब सरकार तुरंत काम करने वाली है।
पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा, हम भी आप लोगों (कांग्रेस) के रास्ते पर चलते, तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता, आपके ही तौर तरीके से चलते, तो मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती। आपकी ही सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती। आपकी ही सोच अगर होती, तो करतापुर साहिब कोरिडोर कभी नहीं बन पाता। आपके ही के तरीके होते, आपका ही रास्ता होता, तो भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता: पीएम मोदीअगर कांग्रेस के रास्ते हम चलते ,तो 50 साल बाद भी शत्रु संपत्ति कानून का इंतजार देश को करते रहना पड़ता। 35 साल बाद भी नेक्स्ट जनरेशन लड़ाकू विमान का इंतजार देश को करते रहना पड़ता। 28 साल बाद भी बेनामी संपत्ति कानून लागू नहीं हो पाता।
पूर्वोत्तर पर पीएम ने कहा, नॉर्थ ईस्ट में पिछले 5 वर्ष में जो दिल्ली उन्हें दूर लगती थी, आज वही दिल्ली उनके दरवाजे पर जाकर खड़ी हो गई है। चाहे बिजली की बात हो, रेल की बात हो, हवाई अड्डे की बात हो, मोबाइल कनेक्टिविटी की बात हो, ये सब करने का हमने प्रयास किया है। बोड़ो जनजाति की चर्चा में कहा कि ये कोई पहली बार नहीं हुआ। पहले जो कुछ भी हुआ, राजनीति के तराजू से तौलकर किया, जो भी किया आधे-अधूरे मन से किया गया। पहले समझौते तो हुए, फोटो भी छप गई, लेकिन कागज पर किये समझौते से बोड़ो जनजाति के लोगों का भला नहीं हुआ।
किसानों पर बोलते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, हम जानते हैं कि डेढ़ गुना एमएसपी का विषय लंबे समय से अटका था, ये किसानों के प्रति हमारी जिम्मेदारी थी कि हमने उसे पूरा किया। वर्षों से लटकी करीब 99 सिंचाई परियोजनाओं पर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करके पूरा किया और अब किसानों को उसका लाभ मिल रहा है। फसल बीमा योजना से किसानों में एक विश्वास पैदा हुआ है। इस योजना के अंतर्गत किसानों से करीब 13 हजार करोड़ रूपये का प्रीमियम आया। प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को जो नुकसान हुआ, उसके लिए किसानों को करीब 56 हजार करोड़ इस बीमा योजना से प्राप्त हुए। किसानों की आय बढ़े, ये हमारी प्राथमिकता है।
अर्थव्यवस्था पर मोदी ने कहा, देश की अर्थव्यवस्था को ताकत देने में इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत बड़ा महत्व होता है। जितना ज्यादा बल हम इंफ्राफ्ट्रक्चर को देते हैं, वो अर्थव्यवस्था, रोजगार और नए उद्योगों को गति देता है। हम इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों में गति लाए हैं। अर्थव्यवस्था को गति मिले इसके लिए भी हमने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए है।
जीएसटी और एफडीआई पर मोदी ने कहा, जनवरी 2019 से जनवरी 2020 के बीच 6 बार जीएसटी राजस्व 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। एफआईडी अप्रैल-सितंबर 2018 में 22 बिलियन डॉलर था। आज उसी अवधि में ये 26 बिलियन डॉलर को पार कर गया है। मुद्रा योजना, मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में स्वरोजगार को बहुत बड़ी ताकत दी है। देश में पहली बार करोड़ों लोग मुद्रा योजना से खुद तो रोजी-रोटी कमाने लगे हैं और दूसरों को भी रोजगार देने लगे हैं।
राहुल गांधी के बयान पर पीएम ने कहा, मैंने कांग्रेस के एक नेता का कल वक्तव्य सुना कि 6 महीने में मोदी को डंडे मारेंगे। ये काम थोड़ा कठिन है, तो तैयारी में 6 महीने लगते ही हैं। मैंने भी तय किया है कि 6 महीने में सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा। 20 साल से मैंने जिस प्रकार से गंदी गाली सुनकर खुद को गालीप्रूफ बना दिया है तो, 6 महीने ऐसी मेहनत करूंगा की मेरी पीठ को हर डंडा सहने की ताकत मिले।
कांग्रेस को निशाना बनाते हुए पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस के समय हिंदुस्तान की क्या स्थिति थी, लोगों के अधिकार की स्थिति क्या थी, ये मैं इनसे पूछना चाहता हूं। संविधान की वकालत के नाम पर दिल्ली और देश में क्या क्या हो रहा है, वो देश देख भी रहा है। जो लोग सबसे ज्यादा बार संविधान को बदलने का प्रस्ताव लाए हैं, उन्हें संविधान बचाने की बात करनी ही पड़ेगी।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, यहां सभी ने अदेश ने देख लिया है कि दल के लिए कौन है और देश के लिए कौन है। जब बात निकली है तो दूर तलक जानी चाहिए। किसी को प्रधानमंत्री बनना था, इसलिए हिंदुस्तान में लकीर खींची गई और हिंदुस्तान का बंटवारा कर दिया गया।
कश्मीर पर मोदी ने कहा, अगर ये लोग मानते कि संविधान इतना महत्वपूर्ण है तो, हिंदुस्तान के संविधान को जम्मू कश्मीर में लागू करने से इन्हें किसने रोका था। कश्मीर भारत का मुकुटमणि है। कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और अलगाववाद की बना दी गई थी। 19 जनवरी 1990 की वो काली रात को कुछ लोगों ने कश्मीर की पहचान को दफना दिया था। कश्मीर की पहचान सूफी परंपरा और सर्व पंथ समभाव की है।












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