Operation Mahadev: 'मासूम पाकिस्तानियों को मार रही इंडियन आर्मी’, पाक के अखबारों में ये क्या छपा?
Operation Mahadev: भारतीय सेना ने पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों को 98 दिनों के बाद मार गिराया है। सेना ने 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान आतंकी गुट के सरगना हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान शाह को देर तक चले एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया। सुलेमान शाह पर 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में 26 लोगों की हत्या करने का आरोप था।
श्रीनगर के बाहरी इलाके में 'ऑपरेशन महादेव' चलाया गया था। लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य सुलेमान शाह पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप का पूर्व कमांडो था। उसने सितंबर 2023 में भारत में घुसपैठ की थी और वह दक्षिण कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। इस ऑपरेशन में दो अन्य आतंकवादी भी मारे गए हैं।

मासूम पाकिस्तानी नागरिकों को मार रहा भारत- पाक
'ऑपरेशन महादेव' में तीन आतंकवादियों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि भारत की एजेंसियां हिरासत में लिए गए पाकिस्तानियों को मुठभेड़ में मार रही हैं और उन्हें सीमा पार से आए आतंकवादी बता रही हैं। पाकिस्तानी सरकारी एजेंसियां इन आतंकियों को 'निर्दोष' और 'मासूम पाकिस्तानी' बता रही हैं। हालांकि पाकिस्तान ये नहीं बता रहा कि ये मासूम पाकिस्तानी नागरिक बिना वीजा-पासपोर्ट के कश्मीर में कर क्या रहे थे?
पाकिस्तानी अखबार ने क्या छापा?
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से लिखा है कि, "भारत 'ऑपरेशन महादेव' के नाम पर फर्जी मुठभेड़ कर रहा है।" अखबार के अनुसार, भारत कथित तौर पर निर्दोष पाकिस्तानियों को, जिन्हें उसने जबरन हिरासत में ले रखा है, मुठभेड़ में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है और उन्हें सीमा पार का आतंकवादी बता रहा है।
सैटेलाइट और हथियारों के साथ क्या कर रहे थे मासूम पाक नागरिक?
लेकिन अखबार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि एक पाकिस्तानी नागरिक कश्मीर के जंगलों में सैटेलाइट फोन और हथियारों के साथ क्या कर रहा था? मुठभेड़ वाली जगह से सेना ने एक एम4 कार्बाइन राइफल, दो एके राइफल और अन्य हथियार बरामद किए हैं। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद चौधरी शरीफ ने दावा किया है कि 723 पाकिस्तानी नागरिक भारतीय जेलों में बंद हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वे भारत की सीमा में कैसे पहुंचे?
हथियारबंद मासूम पाकिस्तानी?
डॉन ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से यह भी लिखा है कि हिरासत में लिए गए इन लोगों को पाकिस्तान के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर किया जा सकता है।वहीं पाकिस्तान के एक और मीडिया फर्म जियो न्यूज ने दावा किया है कि मुठभेड़ की थ्योरी को साबित करने के लिए भारतीय एजेंसियों ने आतंकवादियों की तस्वीरें और हथियार पहले ही जारी कर दिए थे। जियो के अनुसार, ISPR ने एक ब्रीफिंग में कहा था कि भारत की खुफिया एजेंसियों ने 56 पाकिस्तानियों को हिरासत में रखा है। लेकिन सवाल अभी भी वही है है कि पाकिस्तान ये क्यों नहीं बता रहा कि ये हथियारबंद मासूम पाकिस्तानी नागरिक भारतीय सीमा में कैसे पहुंचे।
सभी पाकिस्तानी चैनल्स की भाषा एक समान
इन दोनों चैनल्स के अलावा करीब-करीब हर एक पाकिस्तानी चैनल ने यही एक रिपोर्ट में छापी है जिसका मर्म एक जैसा है। जिसमें आतंकवादियों को मासूम पाकिस्तानी नागरिक बताया जा रहा है और कहा जा रहा है भारतीय सेना ने इन्हें पहले से बंद कर के रखा है और अब उनके फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं।
इंडियन आर्मी ने क्या कहा?
भारतीय सेना के अधिकारियों के अनुसार, 22 अप्रैल के हमले का मास्टरमाइंड सुलेमान उर्फ आसिफ को सेना ने तब घेरा, जब उन्हें सूचना मिली कि पहलगाम हमले में आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किया गया सैटेलाइट फोन फिर से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद सेना ने 'ऑपरेशन महादेव' शुरू किया। इस कार्रवाई में मारे गए अन्य आतंकवादियों की पहचान जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। जिब्रान पर पिछले साल सोनमर्ग सुरंग हमले में शामिल होने का आरोप है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे।
पाकिस्तान के इस दावे पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।












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