राष्ट्रपति चुनाव में BJP को वॉकओवर नहीं देगा विपक्ष, साझा उम्मीदवार उतारने की तैयारी
नई दिल्ली, 08 अप्रैल। इस साल देश के नए राष्ट्रपति का चुनाव होना है, ऐसे में सरकार और विपक्ष की ओर से इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इस बीच जो रिपोर्ट सामने आ रही है उसके अनुसार विपक्ष कांग्रेस और विपक्ष अपना अलग राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार उतार सकता है जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी एनडीए के साथ मिलकर राष्ट्रपति का उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अलग राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार मैदान में उतार सकते हैं।

कांग्रेस नेता ने बताया कि विपक्ष राष्ट्रपति पद के लिए किसे मैदान में उतारेगा यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि भाजपा किस उम्मीदवार को सामने लेकर आएगा। उसी आधार पर विपक्ष इसे चुनौती देने की कोशिश करेगा। बता दें कि राष्ट्रपति पद का चुनाव जुलाई माह में होना है, इसके बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो सकता है। पिछले चुनाव की बात करें तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 661278 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस की ओर से मीरा कुमार को 434241 वोट मिले थे। कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि मैं आपको यह बात निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि विपक्षी दल एनडीए के उम्मीदवार के सामने विकल्प जरूर देंगे।
हालांकि इस बात की संभावना बहुत ही कम है कि विपक्ष के उम्मीदवार को चुनाव में जीत मिले। एनडीए के पास भी बहुमत का आंकड़ा नहीं है बहुमत से एनडीए के पास 9000 वोट कम हैं, एनडीए के पास कुल वोट 549452 हैं। लेकिन एनडीए को उम्मीद है कि बीजू जनता दल, वाईएसआर कांग्रेस उसे अपना समर्थन दे सकते हैं। कांग्रेस के लिए मुश्किल चुनौती यह भी है कि वह कैसे ऐसे उम्मीदवार को लेकर सामने आए जिसे हर कोई स्वीकार करे।
हाल के सालों की बात करें तो सिर्फ एपीजे अब्दुल कलाम ही ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं जिन्हें सत्ता और विपक्ष दोनों ने एकजुट होकर चुना था और उनके खिलाफ कोई दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा था। लेकिन तब भी लेफ्ट दलों ने आईएनए की सोल्जर लक्ष्मी सहगल को कलाम के खिलाफ मैदान में उतारा था। कांग्रेस नेता ने इस बात पर भी जोर देते हुए का कि भाजपा ने प्रणब मुखर्जी और प्रतिभा पाटिल को 2012, 2007 में अपना समर्थन नहीं दिया था। इनके सामने अपना उम्मीदवार उतारा था।












Click it and Unblock the Notifications