Operation Sindoor: आतंकियों की ढाल बनी पाक सेना पर BSF का कहर, 50-60 नहीं इतने चौकियों को किया तबाह
Operation Sindoor के दौरान जम्मू फ्रंटियर के अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर पाकिस्तानी रेंजर्स की तरफ से की गई अकारण गोलीबारी और गोलाबारी के जवाब में भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने जोरदार जवाब देते हुए 76 पाकिस्तानी चौकियों और 42 फॉरवर्ड डिफेंस लोकेशंस (FDLs) को निशाना बनाया और तीन आतंकी लॉन्च पैड तबाह कर दिए।
कहर बन कर टुटी भारतीय सेना
बीएसएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) चितरपाल सिंह ने बताया कि पाकिस्तान ने 60 भारतीय पोस्ट्स और 49 फॉरवर्ड लोकेशंस पर भारी गोलाबारी की, जिससे स्पष्ट है कि इसका उद्देश्य 40-50 आतंकवादियों की घुसपैठ को कवर देना था। जवाबी कार्रवाई में भारतीय जवानों ने न केवल पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया बल्कि ISI द्वारा चलाए जा रहे आतंकी लॉन्च पैड को भी ध्वस्त किया।

बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आईजी शशांक आनंद ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा का 'चिकन नेक' क्षेत्र में स्थित लॉन्च पैड भी एक विशेष हथियार प्रणाली से नेस्तनाबूद किया गया। लोनिया, मस्तपुर और छब्बरा में स्थित तीन अन्य लॉन्च पैड भी ध्वस्त किए गए।
आतंकी गतिविधियों को करारा जवाब
DIG इंद्रेश्वर ने बताया कि 8 मई की रात बीएसएफ की निगरानी प्रणाली ने सियालकोट के पास 40-50 आतंकवादियों की हलचल पकड़ी, जिसके बाद सांबा क्षेत्र में पूर्व-खुफिया जानकारी के आधार पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान रेंजर्स ने जिस प्रकार जवाब दिया, वह किसी सैनिक से अपेक्षित नहीं था वे अपनी पोस्ट छोड़कर भाग गए।
महिला जवानों की बहादुरी
आईजी आनंद ने बीएसएफ की महिला जवानों की बहादुरी की सराहना की और बताया कि सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी समेत कई महिला कॉन्स्टेबल्स ने फॉरवर्ड पोस्ट पर डटे रहकर दुश्मन की गोलीबारी का डटकर सामना किया। उन्हें मुख्यालय जाने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने वहीं तैनात रहना चुना।
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शहीद BSF जवान के नाम पर होगा दो पोस्ट का नाम
आईजी ने पुष्टि की कि 10 मई की सुबह पाकिस्तान ने कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर बीएसएफ पोस्ट पर हमला किया, जिसमें दो बीएसएफ जवान और एक आर्मी जवान शहीद हुए। इसके जवाब में बीएसएफ ने सियालकोट क्षेत्र में पाकिस्तानी बंकरों, निगरानी यंत्रों और संचार टावरों पर जोरदार हमला किया। BSF ने शहीदों को सम्मान देने के लिए दो पोस्ट्स को उनके नाम पर रखने का निर्णय लिया है, जिनमें से एक पोस्ट का नाम 'सिंदूर' रखा जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर साहस की मिसाल
आईजी शशांक आनंद ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर में हमने न सिर्फ आतंकी ढांचों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि अपने नागरिकों और पोस्ट्स की रक्षा भी की। उन्होंने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियों, बीएसएफ, आर्मी, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच समन्वय मजबूत है और नियमित खुफिया जानकारी साझा की जा रही है।
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