Operation Sindoor: मिलिए भारत के स्वदेशी 'विध्वंसक' से, पाकिस्तान के टावरों और बंकरों को किया था विध्वंस
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद दुनिया भर में भारत की सैन्य ताकत की चर्चा हो रही है। मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए शक्तिशाली सैन्य हथियारों का प्रदर्शन किया। ये वो ही सैन्य हथियार थे जिसके जरिए पाकिस्तानी ठिकानों को तबाह कर बीएसएफ ने सीमा पर देश की सुरक्षा की।
बीएसएफ ने मंगलवार को जम्मू में एंट्री- मटेरियल राइफल 'विध्वंसक' का प्रदर्शन किया और बताया कि ये ही वो हथियार था जिसने दुश्मनों के बंकर, टावर को तबाह कर पाकिस्तानी सेना को घुटनों पर ला दिया था। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम का भी बीएसएफ ने प्रदर्शन किया। आइए जानते हैं इस एंटी-मटेरियल राइफल विध्वंसक और ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम की क्या है खासियत?

एंटी-मटेरियल राइफल 'विध्वंसक'
बीएसएफ ने बताया कि विध्वंसक भारत में निर्मित स्वदेशी हथियार है। इस विनाशकारी एंटी-मटेरियल राइफल की रेंज 1300 से 1800 मीटर है। जरूरत के अनुसार इसमें लोड होने वाली एक मैगजीन के अंदर तीन राउंड आते हैं और जरूरत के अनुसार इसमें नई मैगजीन लोड करते हैं। ये दुश्मन के पिनबॉक्स, बंकर और बख्तरबंद गाड़ियों को बरबाद करता है। बीएसएफ के जवान ने बताया विध्वंसक ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के टावरों और बंकरों को नष्ट कर दिया।
ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम
बीएसएन ने सीमा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन देश पाकिस्तान की चौकियों को तबाह करने वाले ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम का भी प्रदर्शन किया। बीएसएफ ने बताया, "ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम ने भी अहम भूमिका निभाई। इसने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और वाहनों को बेअसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर सिस्टम की रेंज 1700-2100 मीटर है और इसके ग्रेनेड का 10 मीटर के दायरे में विनाशकारी प्रभाव युद्ध के मैदान में गेम-चेंजर साबित हुआ।
इसके अलावा बीएसएफ ने ड्रोन, टैंक और दुश्मन के ठिकानों का मुकाबला करने के लिए 12.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन का प्रभावी ढंग से उपयोग किया।
BSF की असिस्टेंट कमांडेंट नेहा भंडारी ने शेयर किया अनुभव
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा की फॉरवर्ड पोस्ट का नेतृत्व करने वाली बीएसएफ की असिस्टेंट कमांडेंट नेहा भंडारी ने भी इस मौके पर अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने कहा "हमारी जिम्मेदारी किसी भी घुसपैठ को रोकना, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना और अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित रखना था। हमने अपने घातक हथियारों से दुश्मन पर हमला किया। इस ऑपरेशन में, पुरुष और महिला बीएसएफ सैनिकों ने कंधे से कंधा मिलाकर अपना कर्तव्य निभाया। "












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