Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Indians Return from Iran List: ईरान से 290 भारतीयों की वतन वापसी, आंखों में छलके आंसू, जानें कौन कहां से है?

Operation Sindhu 290 Indians List Return from Iran: 20 जून 2025 की रात, जब महन एयर का चार्टर्ड विमान रात 11:30 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, तो हवा में 'हिंदुस्तान जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे गूंज उठे। ईरान के युद्धग्रस्त माहौल से निकाले गए 290 भारतीय नागरिक, जिनमें ज्यादातर जम्मू-कश्मीर के छात्र और धार्मिक तीर्थयात्री थे, अपनी मातृभूमि की मिट्टी पर लौट आए।

यह ऑपरेशन सिंधु की पहली उड़ान थी, जिसने सैकड़ों परिवारों की बेचैनी को राहत में बदला। विदेश मंत्रालय के सचिव (सीपीवी और ओआईए) अरुण चटर्जी ने हवाई अड्डे पर इन नागरिकों का स्वागत किया। आपको बता दें कि ईरान ने भारत के लिए अपने बंद हवाई क्षेत्र को खास तौर पर खोला, ताकि महन एयर की यह विशेष उड़ान मशहद से दिल्ली पहुंच सके। यह उन तीन उड़ानों में पहली थी, जो अगले दो दिनों में करीब 1,000 भारतीयों को वापस लाएंगी।

Operation Sindhu

डर के साए से मां की गोद तक

ईरान और इजरायल के बीच 13 जून से शुरू हुए सैन्य संघर्ष ने मशहद, तेहरान और कोम जैसे शहरों को अशांति के भंवर में डाल दिया। मिसाइलों और ड्रोनों की गड़गड़ाहट के बीच फंसे भारतीय छात्रों और तीर्थयात्रियों के लिए हर पल अनिश्चितता भरा था। लेकिन भारत सरकार और भारतीय दूतावास की त्वरित कार्रवाई ने उन्हें सुरक्षित निकालकर वतन की मिट्टी पर लाया।

वापस लौटे नागरिकों की आपबीती: डर, राहत और आभार

  • मीर मोहम्मद मुशर्रफ (पुलवामा, जम्मू-कश्मीर): 'मैं कश्मीर के पुलवामा से हूं। तेहरान में हम फंस गए थे। मकान मालिक भी चले गए, और हम अकेले रह गए। हमें नहीं पता था कि क्या करें। भारतीय दूतावास ने हमें हर कदम पर मदद की। ऑपरेशन सिंधु अद्भुत है। भारत सरकार, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।'
  • सेहरिश रफीक (तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज): 'ईरान में स्थिति विनाशकारी थी। मिसाइलों की आवाज सुनकर डर लगता था। हमें यकीन नहीं था कि भारतीय दूतावास इतना प्रयास करेगा। सभी कश्मीरी छात्र भारत सरकार के आभारी हैं।'

  • तजकिया फातिमा (नोएडा): 'वहां युद्ध जैसे हालात थे। हमें नहीं पता था कि हम कैसे निकलेंगे। लेकिन भारत सरकार ने सब कुछ इतना आसान कर दिया। मैं नोएडा की हूं और अपने देश की आभारी हूं।'
  • मौलाना मोहम्मद सईद (धार्मिक तीर्थयात्री): 'ईरान में स्थिति अच्छी नहीं थी। भारतीय दूतावास और हमारे राजदूत ने निकासी को इतना सहज और सुरक्षित बनाया कि हम सुरक्षित घर लौट आए। हम खुश और आभारी हैं।'
  • एलिया बतूल (छात्र): 'मैं अपनी भावनाएं बयां नहीं कर सकती। मेरा परिवार बहुत चिंतित था। ईरान में हमें 5-सितारा होटल और पूरी सुरक्षा दी गई, लेकिन अपने देश की मिट्टी पर सुकून है। दूतावास ने सब कुछ आसान कर दिया। भारत सरकार का शुक्रिया।'

परिजनों की राहत, आंसुओं भरी खुशी

दिल्ली हवाई अड्डे पर परिजनों का हुजूम अपने प्रियजनों को गले लगाने के लिए बेताब था। श्रीनगर की रजिया बेगम ने अपने बेटे को गले लगाते हुए कहा, 'मैंने रात-दिन दुआएं मांगीं। मेरा बेटा मशहद में फंसा था। भारत सरकार ने उसे वापस लाकर मेरा जीवन लौटा दिया।'

जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने ट्वीट कर कहा, '290 नागरिकों की सुरक्षित वापसी उन परिवारों के लिए सांत्वना है, जो अपने बच्चों की चिंता में रातें जाग रहे थे। पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारतीय दूतावास को दिल से धन्यवाद।'

ईरान का सहयोग और भारत का संकल्प

ईरान ने भारत के लिए अपने बंद हवाई क्षेत्र को खोलकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया। ईरानी दूतावास के उप प्रमुख मोहम्मद जावेद हुसैनी ने कहा, 'हम भारतीयों को अपने लोगों की तरह मानते हैं। हमने अपने हवाई क्षेत्र को विशेष रूप से खोला ताकि आपके नागरिक सुरक्षित लौट सकें।' भारत सरकार ने इस सहयोग के लिए ईरान का आभार जताया।

ऑपरेशन सिंधु के तहत यह पहली उड़ान थी, जिसमें मशहद से 290 नागरिक लौटे। शनिवार को दो और उड़ानें-सुबह 10:00 बजे (अश्गाबात से) और शाम 4:30 बजे (मशहद से)-दिल्ली पहुंचेंगी।

ईरान में अभी भी फंसे भारतीय

ईरान में करीब 4,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें 2,000 छात्र हैं। कुछ छात्रों के घायल होने की खबरों के बाद विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास ने 24x7 हेल्पलाइन शुरू की है। हेल्पलाइन नंबर: 1800118797 (टोल-फ्री), +91-11-23012113, +91-9968291988 (व्हाट्सएप); ईमेल:[email protected]

शनिवार को मशहद और अश्गाबात से दो और उड़ानें दिल्ली पहुंचेंगी, जिनमें बाकी बचे छात्रों और अन्य भारतीयों को लाया जाएगा। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दिल्ली हवाई अड्डे पर छात्रों का स्वागत किया और कहा, 'हमारा मिशन तब तक जारी रहेगा, जब तक हर भारतीय सुरक्षित घर न पहुंच जाए।'

कब-कब आएगी फ्लाइट्स ?

  • शुक्रवार रात: 20 जून 2025, रात 11:30 बजे IST (पहली उड़ान मशहद से दिल्ली पहुंची, जिसमें 290 छात्र थे)
  • शनिवार सुबह: 21 जून 2025, सुबह 10:00 बजे IST (अश्गाबात से उड़ान)
  • शनिवार शाम: 21 जून 2025, शाम 4:30 बजे IST (मशहद से तीसरी उड़ान)

ये भी पढ़ें- Israel-Iran War: ईरान से उलझना इजरायल को पड़ रहा भारी, माइक्रोसॉफ्ट की बिल्डिंग पर दागी मिसाइल

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+