Oi Exclusive: 'मैं तो दंग रह गई’ प्रज्वल रेवन्ना को मिली सजा तो प्रियंका को याद आया लंदन टूर का किस्सा
Oi Exclusive: कर्नाटक से एक दिल दहला देने वाले सेक्स स्कैंडल केस में आखिरकार कोर्ट ने फैसला सुना दिया है।बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने शनिवार (2 अगस्त, 2025 ) को रेप केस में पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। प्रज्वल रेवन्ना को शुक्रवार, 1 अगस्त को 47 वर्षीय घरेलू सहायिका का बलात्कार करने का दोषी पाया गया था और आज अदालत ने रेवन्ना पर ₹5 लाख का जुर्माना भी लगाया है, जो उन्हें पीड़िता को देना होगा।।
यह मामला पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ दायर चार यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामलों में पहली सज़ा है। प्रज्वल रेवन्ना को अजीवन जेल की सजा सुनाए जाने के बाद शिवसेना UBT सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने वनइंडिया से एक्सक्लूसिव बात करते हुए प्रतिक्रिया दी है।

उद्धव ठाकरे के गुट वाली शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने जेडीयू के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को रेप केस में आजीवन कारावास की सजा मिलने के कोर्ट के फैसले का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रज्वल के साथ अपने लंदन टूर का किस्सा भी सुनाया।
प्रियंका को याद आया लंदन टूर का किस्सा
प्रियंका चतुर्वेदी ने खुलासा किया कि "वह कुछ समय पहले प्रज्वल रेवन्ना के साथ लंदन गई थी, इस ट्रिंप उन दोनों के साथ अन्य कई नेता मौजूद थे। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान उनके बीच में काफ़ी अच्छी दोस्ती भी हो गई थी।"
प्रियंका बोलीं- 'मैं तो दंग रह गई'
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, लेकिन जिस वक़्त यह मामला उनके सामने आया तो पहले उनको इस बात का बिल्कुल भी यक़ीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा, "मैंने जब इसके वीडियो देखें तो वो पूरी तरह हिल गईं और दंग रह गईं कि प्रज्वल रेवन्ना ऐसे आदमी है! उन्होंने कहा कि रेवन्ना को जो सजा हुई है वो बिलकुल ठीक है ऐसा ही होना चाहिए था।
47 साल की मेड का किया था यौन शोषण, पढ़ें पूरा मामला
पीड़िता रेवन्ना परिवार के हासन जिले के गन्निकडा स्थित फार्महाउस में पूर्व में घरेलू सहायिका के रूप में कार्यरत थी। 2021 में उसके साथ दो बार यौन उत्पीड़न हुआ था - एक बार हासन में और दूसरी बार बेंगलुरु के बासवनागुडी स्थित परिवार के आवास पर।
- आरोप है कि प्रज्वल ने पहली घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई थी।
- यह मुकदमा तेजी से आगे बढ़ा, एफआईआर दर्ज होने के एक साल से कुछ अधिक समय में ही सुनवाई पूरी हो गई। अदालत ने 2 मई, 2025 को सुनवाई शुरू की थी और निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े मामलों के लिए सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप कठोर दैनिक कार्यवाही की।
- फैसला 18 जुलाई को सुनाया गया और सज़ा की घोषणा 2 अगस्त को हुई। रेवन्ना की कानूनी टीम द्वारा इस फैसले के खिलाफ अपील किए जाने की उम्मीद है।
- विशेष लोक अभियोजक अशोक नायक ने इस दोषसिद्धि को न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने अतिरिक्त डीजीपी बी.के. सिंह के नेतृत्व वाली विशेष जांच दल (एसआईटी) की गहन जांच के लिए सराहना की।
- एक अन्य अभियोजक, बी.एन. जगदीश ने बताया कि सुनवाई में देरी करने के कई प्रयास, जैसे वकीलों को बदलना या उच्च न्यायालय का रुख करना, अंततः असफल रहे, जिससे मामले की कार्यवाही निर्बाध रूप से जारी रही।
- अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में कई महत्वपूर्ण सबूत पेश किए, जिनमें हमले का वीडियो और डीएनए विश्लेषण शामिल है। फोरेंसिक परीक्षणों ने उस वीडियो में प्रज्वल की उपस्थिति की पुष्टि की, जहाँ पीड़िता को उससे बार-बार विनती करते हुए देखा गया था।
- इसके अलावा, रेवन्ना के डीएनए नमूने पीड़िता द्वारा फार्महाउस पर एक अलमारी में रखी साड़ी पर भी पाए गए थे, जो एक पुख्ता सबूत था।
- पीड़िता को गवाही देने से रोकने के प्रयास में कथित तौर पर उसका अपहरण भी किया गया था, जिसके बाद उसे के.आर. नगर के एक फार्महाउस से बचाया गया।
- इस सिलसिले में प्रज्वल के माता-पिता - पूर्व मंत्री एच.डी. रेवन्ना और भवानी रेवन्ना - के खिलाफ अपहरण का आरोप लगाते हुए एक अलग आरोपपत्र दायर किया गया है। इस मामले में मुकदमा अभी शुरू होना बाकी है।
- एसआईटी ने सितंबर 2024 में इस मुख्य मामले में 1,632 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया था, जिसमें 118 गवाहों के विस्तृत बयान शामिल थे।
- यह मामला अप्रैल 2024 में हासन में सैकड़ों आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद व्यापक रूप से चर्चा में आया, जो कथित तौर पर प्रज्वल द्वारा रिकॉर्ड किए गए थे और इनमें कई महिलाएं शामिल थीं। यह घटना लोकसभा चुनावों से ठीक हफ्तों पहले हुई थी और इसने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया।
- इन वीडियो के सार्वजनिक होने और उनके गंभीर निहितार्थों के बाद ही एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी वर्तमान में प्रज्वल के खिलाफ चार अन्य मामलों की जांच कर रही है, जिनमें तीन बलात्कार के और एक यौन उत्पीड़न का मामला शामिल है।
- सज़ा सुनाए जाने के दौरान अदालत में प्रज्वल रेवन्ना भावुक और अकेले दिखाई दिए। वह वर्तमान में अपनी आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे हैं, जबकि शेष मामलों की सुनवाई विभिन्न न्यायिक चरणों में है।












Click it and Unblock the Notifications