Milk Price Hike Reason: इस राज्य में दूध हुआ महंगा, प्रति लीटर 4 रुपये बढ़े दाम, आज से नए रेट लागू
Milk Price Hike: ओडिशा के लाखों परिवारों के लिए आज से दूध और दुग्ध उत्पाद महंगे हो गए हैं। ओडिशा स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन (OMFED) ने पूरे राज्य में दूध की कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह फैसला 3 मई 2026 से लागू हो गया है। नए दाम विभिन्न प्रकार के दूध पाउच पर लागू होंगे, जिसका सीधा असर रोजाना दूध पीने वाले घरों, चाय-कॉफी, दही, पनीर और मिठाइयों पर पड़ेगा।
OMFED का यह फैसला उन परिवारों के बजट को प्रभावित करेगा जो पैकेज्ड दूध पर निर्भर हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि नए रेट क्या हैं, क्यों बढ़े दाम और इसका आपके घर पर क्या असर पड़ेगा...

Odisha New Milk Price: नए दाम क्या हैं? (500 ml पाउच के हिसाब से)
OMFED के ऑफिशियल ऑर्डर के मुताबिक, दूध की नई कीमतें इस प्रकार हैं:
- टोंड मिल्क (500 ml): पुराना रेट 25.85 रुपये, अब नया रेट 27 रुपये
- प्रीमियम मिल्क (500 ml): पुराना रेट 27.10 रुपये, अब नया रेट 29 रुपये
- गोल्ड मिल्क (500 ml): पुराना रेट 27.95 रुपये, अब नया रेट 30 रुपये
- गोल्ड प्लस मिल्क (500 ml): पुराना रेट 29.50 रुपये, अब नया रेट 32 रुपये
यानी प्रति लीटर आधार पर औसतन 4 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अगर आप रोज 1 लीटर दूध खरीदते हैं तो महीने भर में करीब 120 रुपये एक्स्ट्रा खर्च हो सकता है।
Odisha Milk Price Hike Reason: क्यों बढ़े दूध के दाम? OMFED ने क्या कहा
OMFED ने आधिकारिक रूप से कीमत बढ़ाने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। लेकिन डेयरी क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, यह फैसला कई बढ़ती लागतों के चलते लिया गया है। इनमें शामिल हैं:
- कच्चे दूध की खरीद की बढ़ी हुई लागत
- पशु चारे, फीड और दवाइयों की महंगाई
- परिवहन और पैकेजिंग खर्च में इजाफा
- अन्य संचालन लागत (बिजली, श्रम, रखरखाव)
पिछले कुछ महीनों में डेयरी सेक्टर की कुल उत्पादन लागत में काफी वृद्धि हुई है। OMFED ने इसे संतुलित करने के लिए खुदरा कीमतों में यह समायोजन किया है।
नोट: OMFED ने हाल ही में किसानों को दिए जाने वाले दूध खरीद मूल्य में भी ₹1 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी (1 मई 2026 से), लेकिन उपभोक्ता कीमतों में यह 4 रुपये की बढ़ोतरी अलग से है।
फ्री स्कीम्स खत्म, लेकिन रिटेलर्स को इंसेंटिव जारी
OMFED के नए आदेश में एक और बड़ा बदलाव है। दूध पाउच पर चल रही सभी फ्री स्कीम्स (जैसे 1+1 ऑफर आदि) को तुरंत वापस ले लिया गया है।
हालांकि, खुदरा विक्रेताओं (दुकानदारों) को प्रोत्साहन देने के लिए न्यूनतम खरीद पर 1% से 1.5% तक का इंसेंटिव जारी रखा गया है। इसका मकसद है कि दुकानदारों को नुकसान न हो और सप्लाई चेन सुचारू रहे।
आम उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
यह बढ़ोतरी सबसे ज्यादा उन परिवारों को प्रभावित करेगी जो शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पैकेज्ड दूध खरीदते हैं। असर कुछ इस प्रकार होगा:
- घरेलू बजट: रोजाना दूध, चाय और नाश्ते का खर्च बढ़ेगा।
- दुग्ध उत्पाद: दही, पनीर, घी, आइसक्रीम और मिठाइयों की कीमतें भी जल्द बढ़ सकती हैं क्योंकि ये सब OMFED दूध से ही बनते हैं।
- छात्र और मध्यम वर्ग: हॉस्टल, मेस और छोटे परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
- ग्रामीण क्षेत्र: जहां OMFED दूध सबसे ज्यादा बिकता है, वहां भी खर्च बढ़ेगा।
OMFED का यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण?
OMFED ओडिशा का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक सहकारी संगठन है। यह राज्य के लाखों किसानों से दूध खरीदता है और पैकेज्ड दूध, दही, पनीर आदि के रूप में बेचता है। कीमत बढ़ाने का फैसला डेयरी क्षेत्र को मजबूत रखने के लिए लिया गया है, ताकि किसान निरंतर दूध उत्पादन जारी रख सकें। लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह एक और महंगाई का झटका है।
अगर आपका बजट प्रभावित हो रहा है तो लोकल डेयरी (ढाबा वाला दूध) या थोक खरीद का विकल्प देख सकते हैं। साथ ही, OMFED के नए दामों की पुष्टि अपने नजदीकी दुकानदार से अवश्य कर लें। यह बढ़ोतरी पूरे ओडिशा में एक साथ लागू हो गई है। फिलहाल OMFED ने आगे कोई नई स्कीम या राहत पैकेज की घोषणा नहीं की है। अगर आपको अपने इलाके में दूध की नई कीमतों की जानकारी चाहिए तो कमेंट में अपना जिला बताएं, हम अपडेट कर देंगे।












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