मिचुआंग चक्रवात से फसलों को हुए नुकसान के सरकारी सर्वेक्षण से नाखुश हैं ओडिशा के किसान
कुछ दिन पहले आए मिचुआंग चक्रवात के बाद कृषि और राजस्व विभाग ने संयुक्त सर्वेक्षण किया। दोनों विभाग के इस संयुक्त सर्वेक्षण में जो चक्रवात के कारण फसल क्षति का जो आंकलन किया गया है उस पर कोरोपुट क्षेत्र के किसानों ने असंतोष जताया है।

कोरापुट क्षेत्र के किसानों का दावा है कि सर्वेक्षण सभी प्रभावित क्षेत्रों को पर्याप्त रूप से कवर करने में विफल रहा, जिससे महत्वपूर्ण क्षति का कोई हिसाब नहीं रह गया।
सूत्रों की माने तो तो रिपोर्ट के अनुसार मिचुआंग चक्रवात दबाव के कारण तीन दिनों तक कई जगहों में लगातार बारिश हुई। तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश के कारण जेपोर, कोटपाड, कुंद्रा, बोर्रिगुम्मा, नंदपुर, पोट्टांगी और लामातापुट जैसे क्षेत्रों में धान की फसलों को काफी नुकसान हुआ है, किसानों ने 2,000 हेक्टेयर से अधिक की क्षति होने की जानकारी दी गई है।
चक्रवात के कारण किसानों की धान की फसलों पर व्यापक प्रभाव के बावजूद, जिला प्रशासन को सौंपी गई संयुक्त क्षति रिपोर्ट में केवल 187 हेक्टेयर धान के क्षतिग्रस्त होने की बात स्वीकार की गई, जिससे किसानों में व्यापक असंतोष फैल चुका है।
कोरापुट कृषक कल्याण मंच के संयोजक नरेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कृषि और राजस्व विभागों द्वारा किया गया संयुक्त सर्वेक्षण अपर्याप्त था, और रिपोर्ट की गई क्षति नुकसान की वास्तविक सीमा को प्रतिबिंबित नहीं करती है।












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