करतारपुर साहिब के लिए इस बार सिद्धू को मंजूरी देने के मूड में नहीं है सरकार
नई दिल्ली। नौ नवंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होगा। इस कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तरफ से पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को खासतौर पर इनवाइट किया गया है। लेकिन माना जा रहा है कि इस बार सिद्धू कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जा पाएंगे, इस बात की संभावना बहुत कम है। आपको बता दें कि जब सिद्धू, इमरान के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पाकिस्तान गए थे तो काफी विवाद हुआ था।
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अटारी-वाघा के जरिए पहुंचेंगे करतारपुर
सिद्धू ने ही पिछले वर्ष अगस्त में यह मुद्दा इमरान के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उठाया था कि भारतीय श्रद्धालु जो दरबार साहिब के दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए कॉरिडोर को खोला जाना चाहिए। इसके बाद जब कॉरिडोर की नींव पाकिस्तान की तरफ रखी गई थी तो सिद्धू खासतौर पर इमरान के मेहमान बनकर पाकिस्तान गए। इस बार फिर से उनके दोस्त ने उन्हें नौ नवंबर के कार्यक्रम के लिए इनवाइट किया। सूत्रों की मानें तो सिद्धू अटारी-वाघा सीमा चौकी के रास्ते पाकिस्तान में दाखिल होते और फिर यहां से वह करतारपुर पहुंचने वाले थे।

सरकार को लिखीं दो चिट्ठियां
सरकार ने सिद्धू को लेकर जो रुख अख्तियार किया है, उससे इस बात के संकेत नहीं मिल रहे हैं कि वह कार्यक्रम में शामिल हो पाएंगे। सिद्धू ने दो बार विदेश मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर मंजूरी मांगी हैं। पहली चिट्ठी पिछले हफ्ते शनिवार को लिखी गई थी और इसके बाद दूसरी चिट्ठी बुधवार को लिखी गई है। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी आई है उसकी मानें तो उन्हें मंत्रालय की तरफ से ऐसी मंजूरी मिलने की कोई संभावना नहीं है। जो लोग नौ नवंबर को कॉरिडोर के रास्ते करतारपुर साहिब जा रहे हैं उन विशिष्ट अतिथियों को किसी भी तरह की राजनीतिक मंजूरी लेने की जरूरत नहीं हैं।

550 लोगों के जत्थे में नहीं हैं सिद्धू
नौ नवंबर के बाद जो लोग करतारपुर साहिब जाएंगे उसके लिए मंजूरी लेनी होगी। अभी तक इस बात की जानकारी नहीं है कि सिद्धू को राजनीतिक मंजूरी मिलेगी या नहीं। 550 खास लोगों का एक जत्था करतारपुर जाएगा। इस जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी के अलावा कुछ और सांसद, यूरोपियन यूनियन के कुछ सांसद, राज्य सरकारों के मंत्री, विधायक, सरकारी अधिकारी और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया के कार्ड होल्डर्स अप्रवासी भारतीय भी जत्थे में शामिल होंगे।

सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े
वहीं, सुरक्षा एजेंसियों के कान पाक पीएम इमरान की ओर से आखिरी मौके पर आई पासपोर्ट में छूट के ऐलान पर खड़े हो गए हैं। एजेंसियों की मानें तो इस छूट के पीछे पंजाब में आतंकवाद को फिर से जिंदा करना एकमात्र मकसद है। अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तान की ओर से अचानक हृदय परिवर्तन की वजह सिखों में अपने लिए एक झूठी इमेज का निर्माण करना है।












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