National Herald Case: सोनिया गांधी के वकील सिंघवी बोले, 'एक पैसा इधर-उधर नहीं हुआ फिर भी मनी लॉन्ड्रिंग केस'
National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। इस केस में सोनिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने टिप्पणी की है। शुक्रवार को रॉउज एवेन्यू कोर्ट में पैरवी करते हुए उन्होंने कहा कि ईडी का मामला वास्तव में अजीब है। सिंघवी ने कहा, 'इसमें न एक पैसा कहीं गया और न ही कोई प्रॉपर्टी मूव हुई है। इसके बावजूद मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर दिया गया है।'
National Herald Case: सिंघवी ने की सोनिया की पैरवी
नेशनल हेराल्ड की स्वामित्व वाली कंपनी एजेएल (AJL) के बारे में बोलते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट में वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी, 'एजेएल के पास पूरे देश में संपत्ति है। यह एक नॉन प्रॉफिट कंपनी है। एजेएल के पास दशकों से संपत्ति है, लेकिन उसमें से एक का भी स्वामित्व नहीं बदला गया है। ऐसे में मनी लॉन्ड्रिंग का केस वाकई में समझ से परे है।'

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'AJL को कर्जमुक्त बनाना उद्देश्य था'
वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कर्जमुक्त बनाना जरूरी था। सिंघवी ने कहा, 'सामान्य कॉर्पोरेट कंपनी की तरह एजेएल को कर्जमुक्त बनाने के लिए पैसा लेकर किसी दूसरी संस्था को स्थानांतरित किया जाता है। यह कॉर्पोरेट में होता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य वित्तीय भार से मुक्ति पाना मात्र था। एजेएल एक गैर लाभकारी संस्था है। इसलिए लाभांश का बंटवारा किसी हितधारक में नहीं किया जा सकता है।' पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील सिंघवी ने कहा कि नेशनल हेराल्ड का अस्तित्व कांग्रेस से जुड़ा हुआ है। यह सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक विरासत है।
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राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही है मामले की सुनवाई
अभिषेक मनु सिंघवी ने ईडी (ED) की जांच प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2010 से 2021 तक कुछ नहीं किया, जांच किसी दिशा में आगे नहीं बढ़ी। सिंघवी ने कहा, 'फिर एक दिन अचानक से 2021 में एक दिन जाग गए। एक निजी शिकायत को उठाकर ले आए। रोज हजारों शिकायतें दर्ज होती हैं, बल्कि BNSS के तहत तो कई मौखिक शिकायतें भी दर्ज होती हैं। इसके बावजूद ईडी ने एक दिन इस शिकायत को चुना और चार्जशीट दाखिल की। यंग इंडिया के पास AJL के 100% शेयर हैं। यंग इंडिया को कोई प्रॉपर्टी नहीं मूव की गई है। यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता ही नहीं है।'












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