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'नसीम अंकल, बताईये मुझे कहां आना है आपके पास पेश होने के लिए'

लखनऊ। शायद ही भाजपा से निलंबित दयाशंकर ने कभी ये सोचा हो कि उनके द्वारा दिया गया बयान उनके परिवारवालों पर कहर बनकर टूटने वाला है।

बसपा सुप्रीमो मायावती के चरित्र पर उठाया गये सवाल पर पलटवार करते हुए बसपाईयों ने दयाशंकर की मां, बहन, बेटी यानि कि स्त्रीत्व पर जमकर हमला बोला। जिससे तंग आकर दयाशंकर की बेटी तो अपने आंसुओं को रोक ही नहीं पायी।

किसने दी आपको नारीत्व को बेइज्जत करने की छूट ?

नारीत्व पर किये गए इस प्रहार से सशक्त का तमगा कहीं खो गया है। सोशल मीडिया से लेकर लोगों के जहन में यह सवाल जाग गया है कि गर सत्ता की शक्ति पास है तो निडर होकर किसी पर भी तोहमते लगाईये। किसी की भी मां, बहन, बेटी को सरेआम बेइज्जत करने की छूट है। यकीनन दयाशंकर द्वारा दिया गया बयान निन्दनीय है क्योंकि एक स्त्री पर इस तरह का लांछन उसे समाज के कुछ वर्गों में तोड़ने की हिमाकत करता है। पर, बसपाईयों द्वारा दयाशंकर की मां, बहन, बेटी को पेश करो जैसे नारे भी स्त्री को समाज के बीच जोड़ नहीं रहे।

किसका नफा, किसका नुकसान ?

यकीन मानिए कल मायावती पर दिया गया दयाशंकर का बयान तो सियासत में नफे के साथ लोगों के जहन में कहीं छिप जाएगा लेकिन बसपा कार्यकर्ताों द्वारा दयाशंकर की मां, बहन, बेटी पर जो आक्रोश दर्शाया गया है, उसे सड़क पर चलते लोगों को फब्तियां कसने का मौका दे दिया गया है।

मिल रही हैं धमकियां

राजनीति में परिवार पर टिप्पणी कितनी सही है...जरा सोचिएगा। दयाशंकर को इस बात की सजा भी मिल चुकी है। लेकिन बसपा कार्यकर्ताओं को ? दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह के अनुसार उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। बसपा कार्यकर्ता अपशब्‍दों का प्रयोग कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा, अगर हमारे साथ कुछ भी होता है तो उसके जिम्‍मेदार बसपा के नेता होंगे। जो कुछ भी मेरे पति ने कहा है उस पर कानून अपना काम करेगा लेकिन उन्‍हें एक अपराध के लिए चार बार दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

ये परिवार है नसीम साहब, सियासत के महारथी नेता नहीं

इस दौरान स्‍वाति के पास उनकी बेटी भी बैठी हुई थी। वह न्‍यूज क्लिप को देखकर रोने लगती है। उसने बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दिकी के बयान पर कहा, "नसीम अंकल, मुझे बताइए कहां आना है आपके पास पेश होने के लिए।"

मेरी बेटी का क्या अपराध, क्यों दी जा रहीं गालियां ?

स्‍वाति सिंह ने कहा कि बसपा कार्यकर्ता उनके परिवार के खिलाफ अश्‍लील भाषा का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। इससे सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी 12 साल की बेटी डरी हुई है। स्‍वाति ने कहा, "मेरी बेटी ने क्‍या अपराध किया है , जो बसपा कार्यकर्ता हमें गालियां दे रहे हैं? यदि ऐसे शब्‍द मायावती जी को चोट पहुंचा सकते हैं तो फिर मुझे और मेरी बेटी को उनसे दुख क्‍यों नहीं होगा? वह गंभीर मानसिक यंत्रणा से गुजरी है।"

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