ब्रिटेन में भारतीय मूल के मां–बेटे ने एक ही हफ्ते में मेयर बनकर रचा इतिहास, कौन हैं परवीन रानी और तुषार कुमार?
ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक परिवार ने ऐसी राजनीतिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने समुदाय को गर्व से भर दिया है। हरियाणा के रोहतक से ताल्लुक रखने वाले इस परिवार में 23 वर्षीय तुषार कुमार को एल्स्ट्री और बोरहैमवुड टाउन काउंसिल का मेयर चुना गया है।
वहीं कुछ ही दिनों बाद उनकी मां परवीन रानी को हर्त्समेरे बरो काउंसिल की पहली भारतीय मूल की मेयर बनने का गौरव हासिल किया है। यह दुर्लभ मौका है जब एक ही परिवार के मां और बेटे ने एक ही सप्ताह में मेयर पद संभाला हो।

कौन हैं तुषार कुमार?
तुषार कुमार हरियाणा के रोहतक जिले से जुड़े एक भारतीय मूल के युवा नेता हैं, जो 2013 में अपने परिवार के साथ ब्रिटेन चले गए थे। मात्र 20 वर्ष की उम्र में वे काउंसलर चुने गए थे और बाद में लेबर पार्टी से जुड़े रहे। उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन से पढ़ाई की है और स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए डिप्टी मेयर के तौर पर भी काम किया, जिसके बाद उन्हें मेयर चुना गया।
कौन हैं परवीन रानी?
तुषार की मां परवीन रानी भी लंबे समय से सामुदायिक और सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। वे हर्त्समेरे बरो काउंसिल की पहली भारतीय मूल की मेयर बनी हैं। इससे पहले उन्होंने डिप्टी मेयर और विभिन्न सांस्कृतिक व प्रशासनिक भूमिकाओं में भी योगदान दिया है। उनकी पहचान एक ऐसी नेता के रूप में है जो शिक्षा, संस्कृति और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देती हैं।
रोहतक में पैतृक घर में आता रहता है परिवार
यह परिवार आज भी अपनी भारतीय जड़ों से गहराई से जुड़ा हुआ है। रोहतक में उनका पैतृक घर मौजूद है और वे नियमित रूप से भारत आते रहते हैं। साथ ही, यह परिवार ब्रिटेन में हिंदी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी काम करता रहा है।
मेयर बनने के क्या बोले तुषार?
परिवार के अनुसार, तुषार का मानना है कि युवाओं को किसी निश्चित उम्र का इंतजार किए बिना समाज सेवा और राजनीति में आगे आना चाहिए। उनकी यह उपलब्धि भारतीय मूल के समुदाय के लिए गर्व का क्षण मानी जा रही है।












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