मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से भारतीय क्रिकेटर का निधन, IPL के रोमांच के बीच पसरा मातम!
Ranji cricketer Death News: देश में जहां एक ओर आईपीएल का रोमांच अपने चरम पर है। वहीं दूसरी ओर भारतीय क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कर्नाटक के पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर और तेज गेंदबाज का बेंगलुरु में एक स्थानीय डिवीजन मैच खेलने के दौरान दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से असामयिक निधन हो गया। वे महज 39 वर्ष के थे।
अचानक सीने में तेज हुआ दर्द (Ranji cricketer Death News)
मूल रूप से शिवमोग्गा के रहने वाले इस खिलाड़ी के अचानक चले जाने से क्रिकेट फैंस और क्रिकेट बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह दुखद घटना रविवार दोपहर की है जब वे बेंगलुरु के केआर पुरम स्थित एक ग्राउंड पर कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के तीसरे डिवीजन का मैच खेल रहे थे। मैदान पर फील्डिंग करने के दौरान उन्होंने अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत की।

रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक राज्य
मैच को तुरंत रोककर उन्हें बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन दुर्भाग्य से डॉक्टरों ने उन्हें ब्रॉट डेड (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। दिवंगत खिलाड़ी ने साल 2011-12 के सीजन में घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े मंच रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक राज्य का प्रतिनिधित्व किया था। वे अपनी सटीक लाइन-लेंथ और गति के लिए जाने जाने वाले एक बेहतरीन तेज गेंदबाज थे।
संन्यास लेने के बाद भी खेल रहे थे क्रिकेट
रणजी ट्रॉफी के अलावा उन्होंने कर्नाटक प्रीमियर लीग (KPL) में भी अपने खेल का जलवा बिखेरा था, जिसे अब महाराजा ट्रॉफी KSCA T20 के नाम से जाना जाता है। संन्यास लेने के बाद भी वे खेल से दूर नहीं हुए और जूनियर स्तर के कोच के रूप में उभरते हुए युवा क्रिकेटरों को तराशने और उन्हें मेंटर करने का अहम काम कर रहे थे। इस दुखद समाचार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कर्नाटक के दिग्गज खिलाड़ी डोडा गणेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने जताया शोक
उन्होंने लिखा कि क्रिकेट जगत के लिए यह बेहद भयानक और दुखद खबर है। तेज गेंदबाज को मैंने उनके अंडर-19 के दिनों से बहुत करीब से देखा था। वे एक बेहद मृदुभाषी इंसान थे, जिन्होंने 2011-12 में कर्नाटक के लिए अच्छी सफलता के साथ क्रिकेट खेला। मेरे पास अपने दुख को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। वहीं कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उन्होंने फर्स्ट क्लास स्तर पर विशिष्टता के साथ राज्य की सेवा की। अपने खेल करियर के बाद भी उन्होंने खेल के प्रति अटूट जुनून और समर्पण दिखाया।
एक कोच के रूप में राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं के विकास पर उनका गहरा प्रभाव हमेशा रहेगा। हाल के दिनों में खिलाड़ियों और युवाओं में खेल के मैदान पर अचानक हार्ट अटैक आने की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं।















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