UP PMJAY: क्या आपका भी आयुष्मान कार्ड पर रुक गया था इलाज? पेमेंट सिस्टम हुआ बहाल, अब नहीं होगी दिक्कत
Uttar Pradesh PMJAY: प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उत्तर प्रदेश में इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार अब इस योजना को और मजबूत और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है, ताकि लोगों को बिना परेशानी के इलाज मिल सके। राज्य में अब तक 50 लाख से ज्यादा मरीज योजना का फायदा उठा चुके हैं। 91 लाख से अधिक बार अस्पतालों में इलाज कराया गया है।
इसके बदले सरकार ने अस्पतालों को 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया है। हालांकि मई के दूसरे सप्ताह में बैंकिंग सिस्टम में आई तकनीकी दिक्कत की वजह से अस्पतालों का भुगतान कुछ दिनों के लिए अटक गया था। अब समस्या दूर होने के बाद दोबारा भुगतान शुरू कर दिया गया है और अस्पतालों को राहत मिलने लगी है।

तकनीकी गड़बड़ी से रुका था भुगतान
Etv की एक रिपोर्ट के अनुसार, साचीज की CEO अर्चना वर्मा के अनुसार 14 मई को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और बैंकों के बीच भुगतान फाइलों के ट्रांसफर के दौरान तकनीकी दिक्कत आ गई थी। इसके कारण करीब 633 करोड़ रुपये की राशि होल्ड पर चली गई। इससे कई अस्पतालों को उनके क्लेम का पैसा समय पर नहीं मिल पाया।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर दावों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी पहले ही मंजूरी दे चुकी थी, लेकिन बैंकिंग सिस्टम में आई समस्या के कारण पेमेंट प्रक्रिया रुक गई थी। इससे सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पतालों में चिंता बढ़ गई थी।
23 मई से फिर शुरू हुआ पेमेंट
प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और संबंधित बैंकों के साथ लगातार बैठकें कर समाधान तलाशा।
22 मई को तकनीकी समस्या को पूरी तरह ठीक कर लिया गया। इसके बाद 23 मई को अस्पतालों को 100 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में बाकी करीब 500 करोड़ रुपये भी अस्पतालों के खातों में भेज दिए जाएंगे।
अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से मिल रहा पैसा
साचीज की सीईओ ने बताया कि अब भुगतान प्रक्रिया सामान्य हो चुकी है और सूचीबद्ध अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से पैसा भेजा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि मरीजों के इलाज पर किसी तरह का असर न पड़े और अस्पतालों को समय पर भुगतान मिलता रहे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लगातार नए अस्पतालों को योजना से जोड़ रही है, ताकि गांव और दूरदराज इलाकों के लोगों को भी बेहतर इलाज मिल सके। इसके साथ ही गोल्डन कार्ड वितरण, ई-केवाईसी, हेल्प डेस्क और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित घोष ने भी योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि अस्पतालों के भुगतान में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही तकनीकी सिस्टम को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी दोबारा न हो।
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