Twisha Sharma Case: 'कोई नैरेटिव सेट ना करें',सास गिरिबाला पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, 10 बड़े अपडेट
Twisha Sharma Case: भोपाल का चर्चित ट्विशा शर्मा केस अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस मामले को 'Alleged institutional bias and procedural discrepancies in the unnatural death of a young girl at her matrimonial home' के तहत लिस्ट किया गया है।
आपको बता दें कि नोएडा की रहने वाली मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल भोपाल में फांसी के फंदे से लटकी मिली थीं, उसकी शादी वकील समर्थ सिंह से दिसंबर 2025 में हुई थी। ट्विशा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके पति समर्थ और ससुराल वालों ने, जिनमें उनकी रिटायर्ज जज मां गिरिबाला सिंह भी शामिल हैं, जांच को गुमराह करने और मामले को प्रभावित करने की कोशिश की है।

गौरतलब है कि ट्विशा के शव का रविवार को दोबारा पोस्टमार्टम हुआ और उसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया। सुनवाई के दौरान इस दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि अदालत किसी भी तरह के बनाए जा रहे 'नैरेटिव' के खिलाफ है।
'घरवालों के बयानों के आधार पर मामले को तय ना करें मीडिया'
गिरिबाला सिंह के इंटरव्यू पर लताड़ लगाते हुए उन्होंने कहा कि 'इस मामले को जैसे हैंडल किया गया है उसका हमें अफसोस है, हम अपने मीडिया दोस्तों से अनुरोध करेंगे कि वो घरवालों के बयानों के आधार पर मामले को तय ना करें, केस की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को जांच करनी चाहिए। आरोपियों के इंटरव्यू क्यों लिए जा रहे हैं। DoPT से नोटिफिकेशन मिलते ही केस दर्ज होगा।
Twisha Sharma Case के अब तक के 10 बड़े अपडेट
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा केस में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की।
- कोर्ट ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
- केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में संकेत दिया कि केस की जांच CBI को सौंपी जाएगी।
- CJI सूर्यकांत की बेंच ने मीडिया ट्रायल पर चिंता जताई।
- सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से पीड़ित और आरोपियों के बयान प्रसारित न करने की अपील की।
- कोर्ट ने कहा कि आरोपी पूर्व जज होने के कारण नैरेटिव बनाया जा रहा है।
- Solicitor General तुषार मेहता ने कहा- 'मरी हुई बेटी से बेहतर है तलाकशुदा बेटी।'
- सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS टीम द्वारा किए गए दूसरे पोस्टमार्टम का संज्ञान लिया।
- आरोपी समार्थ सिंह की पुलिस रिमांड को पीड़ित परिवार ने उम्मीद की किरण बताया।
- कोर्ट ने कहा कि जनता और मीडिया अटकलों से बचें और जांच एजेंसी पर भरोसा रखें।

समर्थ सिंह के चेहरे पर कोई अफसोस नहीं: आशीष शर्मा
इससे पहले थित ट्विशा शर्मा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने आरोपी पति समर्थ सिंह के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 'अदालत में पेशी के दौरान समर्थ सिंह के चेहरे पर किसी भी तरह का दुख, पछतावा या संवेदना दिखाई नहीं दी। यह व्यवहार इस बात की ओर इशारा करता है कि आरोपी का अपनी पत्नी से कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं था।'
'समर्थ सिंह को ट्विशा की मौत का कोई फर्क नहीं पड़ा'
'सामान्य तौर पर जब किसी परिवार में मौत होती है तो दुख का माहौल केवल परिवार ही नहीं बल्कि आसपास के लोगों में भी दिखाई देता है। लेकिन इस मामले में स्थिति बिल्कुल अलग नजर आई। उन्होंने कहा 'कोर्ट परिसर में मौजूद कई लोग भी इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि समर्थ सिंह के चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। ऐसा लग रहा था मानो उसे इस घटना से कोई फर्क ही नहीं पड़ा।'

सात दिन की रिमांड से परिवार को न्याय की उम्मीद
ट्विशा शर्मा केस में अदालत ने आरोपी समर्थ सिंह को सात दिन की रिमांड पर भेजा है। इसे लेकर पीड़ित परिवार ने उम्मीद जताई है कि अब जांच में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब जांच एजेंसियों को पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे घटना के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके। परिवार को भरोसा है कि पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्य सामने आएंगे और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा मिलेगी।

CBI जांच से बढ़ी उम्मीदें
आशीष शर्मा ने आरोप लगाया कि अब तक आरोपी पक्ष अपने प्रभाव और पहुंच का इस्तेमाल कर मामले को प्रभावित करने की कोशिश करता रहा है। उन्होंने कहा कि 'स्थानीय स्तर पर जांच को प्रभावित करने के प्रयास किए गए, लेकिन अब CBI की एंट्री से निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ गई है। हमें विश्वास है कि CBI निष्पक्ष तरीके से जांच करेगी और असली दोषियों को बेनकाब करेगी। जो लोग अपने रसूख का इस्तेमाल करके कानून से बचना चाहते हैं, उन्हें अब जवाब देना पड़ेगा।'














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