2025 में दिल्ली नहीं, ये है भारत का सबसे ज़हरीला शहर! टॉप 10 में बिहार के इन 4 शहरों ने मारी एंट्री
Most polluted city in India 2025: ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (CREA) ने 2025 की पहली छमाही को लेकर देशभर के वायु गुणवत्ता आंकड़ों पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सबसे प्रदूषित शहर अब दिल्ली नहीं, बल्कि असम-मेघालय सीमा पर स्थित बर्नीहाट बन गया है।
CREA के विश्लेषण के अनुसार, बर्नीहाट में हवा में पीएम 2.5 (2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे कण) की औसत सांद्रता 133 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई, जो कि अत्यधिक खतरनाक स्तर है। वहीं, दिल्ली में यह स्तर 87 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो कि भारत के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (NAQS) - 40 µg/m³ - से दो गुना से भी अधिक है।

रिपोर्ट की प्रमुख बातें
- 293 निगरानी किए गए शहरों में से 122 शहरों की वायु गुणवत्ता भारत के वार्षिक मानकों (NAQS) से अधिक पाई गई।
- 117 शहर मानकों के नीचे रहे, जबकि 239 शहरों में WHO मानकों के अनुसार हवा प्रदूषित रही।
- WHO के मानक के मुताबिक, एक भी शहर "स्वच्छ" की श्रेणी में नहीं आता।
- सबसे स्वच्छ शहर मिजोरम का आइजोल रहा, जहां वायु गुणवत्ता सबसे बेहतर रही।
टॉप 10 सबसे प्रदूषित शहर (PM2.5 स्तर के आधार पर)
- बर्नीहाट (असम-मेघालय सीमा)
- दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी)
- हाजीपुर (बिहार)
- गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)
- गुरुग्राम (हरियाणा)
- पटना (बिहार)
- सासाराम (बिहार)
- तलचर (ओडिशा)
- राउरकेला (ओडिशा)
- राजगीर (बिहार)
क्या सिर्फ वाहनों को रोकना काफी है?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली जैसे शहरों में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध जैसी नीतियाँ ज़रूरी तो हैं, लेकिन वे प्रदूषण के केवल एक स्रोत वाहनों पर केंद्रित हैं, जबकि उद्योग, निर्माण कार्य, कचरा जलाना और धूल जैसे अन्य स्रोतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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सीआरईए रिपोर्ट पर बिहार सरकार की आपत्ति, बीएसपीसीबी ने बताया फर्जी
हालांकि, ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (CREA) की रिपोर्ट में बिहार के चार शहरों - हाजीपुर, सासाराम, पटना और राजगीर - को देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल किया गया है, लेकिन बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है।
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने CREA की रिपोर्ट को "निजी एजेंसी की भ्रामक और अपुष्ट रिपोर्ट" बताते हुए कहा कि इसमें वास्तविक तथ्यों की अनदेखी की गई है। BSPCB के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- निर्माण स्थलों पर ग्रीन कवर और डस्ट कंट्रोल उपायों का अनिवार्य उपयोग
- सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करना
- फसल अवशेष (पराली) जलाने पर सख्ती से रोक
- शहरों में वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार
फिर भी, बोर्ड ने स्वीकार किया कि हाजीपुर, पटना, सासाराम और राजगीर जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जिस पर नियंत्रण के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।
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