New IT Rule: कपिल सिब्बल के बयान को सरकार ने बताया भ्रामक, सफाई में कही ये बात
मोदी सरकार ने आईटी एक्ट (New IT Rule) में कई अहम बदलाव किए हैं। जिसके तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब को भारतीय नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। सरकार नए नियमों को जनता के हक में बता रही, लेकिन विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाए हैं। शनिवार को पूर्व केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने नए नियमों पर निशाना साधा, जिस पर अब भारत सरकार की ओर से सफाई दी गई है।
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न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सिब्बल ने कहा कि पहले मोदी सरकार ने टीवी नेटवर्क पर कब्जा कर लिया और अब वो सोशल मीडिया पर कब्जा करने वाले हैं। हम एक आचार संहिता, एक राजनीतिक दल, एक शासन प्रणाली और किसी के प्रति जवाबदेह नहीं होने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया सरकार के लिए सुरक्षित और दूसरों के लिए असुरक्षित रहे, यही मोदी सरकार की नीति है। आम नागरिकों के लिए एकमात्र मंच सोशल मीडिया बचा था, लेकिन अब मानहानिकारक बयान देने वालों के खिलाफ मुकदमा चलेगा।
इस पर प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो ने सफाई देते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय आईटी मंत्री कपिल सिब्बल ने एक बयान में दावा किया कि संशोधित आईटी नियमों के तहत मानहानिकारक बयान देने वालों पर मुकदमा चलाया जाएगा। ये दावा भ्रामक है। ️संशोधित आईटी नियमों में अभियोजन (Prosecution) के लिए कोई नया प्रावधान नहीं जोड़ा गया है।
नए नियमों में क्या है खास?
अब विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारतीय नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा यूजर्स को शिकायत के लिए एक व्यवस्था प्रदान की जाएगी। अभी तक ये नियम था कि अगर किसी का कंटेंट या अकाउंट ब्लॉक हुआ तो वो यूजर कहीं अपील नहीं कर सकता था, लेकिन अब इन कंपनियों को एक यूजर शिकायत अपीलीय समिति बनानी होगी। जिसमें यूजर अपना पक्ष रख सकता है।












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