आठवें दिन भी नहीं चला गायब AN-32 एयरक्राफ्ट का पता, वायुसेना का सर्च अभियान जारी
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना का लापता विमान एएन-32 का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। सर्च अभियान के आठवें दिन इंडियन एयरफोर्स के हैलीकॉप्टर और सी-130 विमान के जरिए सर्च अभियान चलाया गया लेकिन लापता विमान का अभी तक कोई सूराग नहीं मिला है। सोमवार को भारतीय वायु सेना ने कहा है सोमवार को दिन में सर्च अभियान किया गया, रात में विमान का पता लगाने के लिए यूएवी और सी-130 द्वारा सर्च मिशन की योजना बनाई गई है। हालांकि सर्च अभियान में अभी तक एएन-32 विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

बता दें कि लापता विमान का पता लगाने के लिए इसरो और नौसेना की भी सहायता ली जा रही है। वायुसेना के अनुसार जंगल और पहाड़ों जैसे इलाकों में सर्च अभियान के लिए इसरो भी उपग्रहों के माध्यम से मदद कर रहा था। बता दें कि लापता विमान असम के जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के लिए उड़ान भरा था, उड़ान भरने के 45 मिनट बाद विमान का संपर्क टूट गया था। इस विमान में 5 क्रू मेंबर समेत कुल 13 लोग सवार थे। इस लापता विमान को खोजने के लिए वायु सेना हर उपाय अपना रही है लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।
सर्च अभियान में शामिल आईएएफ ऑफिसर्स की मानें तो पहाड़ी इलाका होने की वजह से खासी दिक्कतें आ रही हैं। एएन-32 का संपर्क आखिरी बार अरुणाचल प्रदेश के अलॉन्ग से हुआ था और यह इलाका बहुत ही घनी आबादी वाला इलाका है। सर्च अभियान में मौसम भी बड़ा रोढ़ा बन रहा है। रविवार को भी मौसम की वजह से सर्च अभियान में रूकावट पैदा हुई ती।
वायुसेना के लिए चिंता की बात यह भी है कि एएन-32 विमान में लगे साब्रे-8 इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर्स बेकन जो किसी अनहोनी के बाद सिग्नल भेजते हैं, वो भी काम करना बंद कर दिए होंगे। क्योंकि वायुसेना की माने तो ट्रांसमीटर्स की बैठी लाइफ मात्र 36 घंटे की ही है, ऐसे में इस ट्रांसमीटर्स के एक्टिव होने की संभावना बहुत कम ही है। बता दें कि यह सर्च अभियान 1000 स्क्वॉयर किलोमीटर के इलाके में हो रही है।
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