• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

125 घंटे बाद भी लापता IAF का AN-32, खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

|
    Indian Air Force का AN-32 Aircraft अब तक लापता, 125 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्‍ली। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 का 125 घंटे के बाद भी कुछ पता नहीं लग पा रहा है। आईएएफ के अलावा भारतीय वायुसेना और नौसेना भी सर्च ऑपरेशन में लगे हैं लेकिन अभी तक इस लापता एयरक्राफ्ट के बारे में कोई भी जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। आईएएफ ने सेना और नौसेना के अलावा स्‍थानीय पुलिस, राज्‍य सरकार, अर्धसैनिक बलों और स्‍थानीय नागरिकों की भी मदद ली है। इतने प्रयासों के बाद भी एएन-32 कहां है कोई नहीं समझ पा रहा है।

    an-32-350

    यह भी पढ़ें- टूट रही हैं AN-32 में सवार लोगों के घरवालों की उम्‍मीदें

    ट्रांसमीटर्स भी हो गए बंद

    सर्च ऑपरेशन में शामिल आईएएफ ऑफिसर्स की मानें तो पहाड़ी इलाका होने की वजह से खासी दिक्‍कतें आ रही हैं। एएन-32 का संपर्क आखिरी बार अरुणाचल प्रदेश के अलॉन्‍ग से हुआ था और यह इलाका बहुत ही घनी आबादी वाला इलाका है। मौसम अक्‍सर खराब रहता है। खराब मौसम भी सर्च ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। जो बात सबसे ज्‍यादा डराने वाली है वह है एएन-32 में लगे साब्रे-8 इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर्स (ईएलटी) बेकन, जो मुश्किल हालातों जैसे क्रैश में सिग्‍नल भेजने का काम करते हैं। आईएएफ ऑफिसर्स की मानें तो इन ट्रांसमीटर्स की बैटरी लाइफ सिर्फ 36 घंटे की ही है और अब यह एक्टिव नहीं होंगे। इस वजह से सर्च और ज्‍यादा मुश्किल हो गई है। इंग्लिश डेली इंडियन एक्‍सप्रेस ने आईएएफ ऑफिसर्स के हवाले से बताया है कि एएन-32 की सर्च 1000 स्‍क्‍वॉयर किलोमीटर के इलाके में हो रही है। जहां पर आखिरी बार एयरक्राफ्ट को देखा गया था वहां और जहां इसे पहुंचना था, वहां तक सर्च ऑपरेशन चल रहा है। अलॉन्‍ग और मेचुका की दूरी 45 किलोमीटर है।

    सर्च ऑपरेशन में कोई कमी नहीं

    सोमवार को एएन-32 ने 13 वायुसेना कर्मियों को लेकर असम के जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के लिए टेक ऑफ किया था। 12 बजकर 27 मिनट पर टेक ऑफ करने के बाद दोपहर एक बजे इसका संपर्क एटीसी से टूट गया। एएन-32 की तलाश में जमीन, आसमान और यहां तक की नदियों को भी एक कर दिया है। खराब मौसम लगातार उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। फाइटर जेट सुखोई के अलावा इंडियन नेवी का सर्विलांस एयरक्राफ्ट p8i को भी सर्च ऑपरेशन में लगा है। इसरो के क्रैरओसैट और रि-सैट सैटेलाइट की मदद भी सर्च ऑपरेशन के लिए ली जा रही है। आईएएफ सर्च ऑपरेशन में हेलीकॉप्‍टर्स और स्‍पेशलाइज्ड सेंसर्स से लैस एयरक्राफ्ट और तमाम सैटेलाइट का प्रयोग भी वायुसेना कर रही है। गुरुवार को एयरफोर्स ने चार एमआई-17 हेलीकॉप्‍टर्स समेत आठ एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्‍टर्स को सर्च ऑपरेशन में शामिल किया जिसमें से दो सेना के हैं। इसके अलावा दो सुखोई और एक सी-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और सेना के यूएवी को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।

    यह भी पढ़ें- 1986 से गायब हो रहा एयरक्राफ्ट, आज तक नहीं तलाश पाया कोई

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    125 hours gone and AN-32 is still missing, Indian Air Force has intensified the search operation.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more