Khalistan: खालिस्तानियों पर भारत की सख्ती, विरोध प्रदर्शन पर विदेश मंत्रालय का ब्रिटेन को जवाब
London Khalistani Protest: देश में और देश के बाहर विदेशों में खासतौर पर ब्रिटेन और कनाड़ा में खालिस्तानी समर्थक फिर से सिर उठा रहे हैं। लंदन में बीते कुछ दिनों से लगातार भारतीय उच्चायोग के बाहर खालिस्तानी समर्थक इकट्ठे होकर भारत के विरोध में रैली निकाल रहे हैं। इस कड़ी में अब भारत ने खालिस्तानियों के प्रदर्शनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
भारत ने ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ वहां राजनयिकों और परिसरों की सुरक्षा के संबंध में अपनी आवाज उठाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को बताया कि भारत ने ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ राजनयिकों और परिसरों की सुरक्षा के संबंध में अपनी चिंताओं को जताया।

प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि नई दिल्ली राजनयिकों और परिसरों और वहां के लोगों से संबंधित अन्य तत्वों की सुरक्षा के संबंध में चिंताओं को उठाती रही है, जो भारत में सुरक्षा या न्यायिक प्रणालियों द्वारा वांछित हैं।
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में 2 अक्टूबर को एक विरोध प्रदर्शन हुआ था, और हमने राजनयिकों और परिसरों की सुरक्षा पर अपनी चिंताओं के बारे में ब्रिटिश अधिकारियों को बताया है।
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में एक सवाल का जबाव देते हुए बागची ने कहा, "हम अपने राजनयिकों और हमारे परिसरों और वहां मौजूद लोगों से संबंधित अन्य तत्वों की सुरक्षा के बारे में चिंताएं उठाते रहे हैं, जो हमारी सुरक्षा या हमारी न्यायिक प्रणालियों द्वारा वांछित हैं और हम ऐसा करना जारी रखें। और यह एक सतत बातचीत है। मैं अलग-अलग व्यक्तियों के बीच नहीं जाना चाहता।"
उन्होंने कहा कि यूके में 2 अक्टूबर को एक विरोध प्रदर्शन हुआ था, और हमने निश्चित रूप से वहां राजनयिकों और परिसरों की सुरक्षा पर अपनी चिंताओं को यूके के अधिकारियों के साथ उठाया है।
इसके अलावा पिछले महीने ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी को खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में एक गुरुद्वारे में एंट्री करने से रोक दिया था। इस मामले पर अरिंदम बागची ने कहा, हमारे हाई कमीशन को रोका गया था, हमें इसे स्वीकार नहीं कर सकते। ब्रिटेन के साथ हमने इस मुद्दे को उठाया है।












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