• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

एलएसी पर जारी तनाव के बीच चीन और भारत के सैन्य कमांडरों ने की वार्ता

|

नई दिल्ली। भारत और चीन के उच्च स्तरीय सैन्य कमांडरों ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध स्थल पर बातचीत के लिए गत 22 और 23 मई को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर मुलाकात की थी। यह मुलाकात पूर्वी लद्दाख में उपजे तनाव को कम करने के लिए हुई थी। शीर्ष स्रोत के मुताबिक वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता के अलावा नई दिल्ली और बीजिंग में समानांतर राजनयिक चैनल भी शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।

चीन के ‘जीन’ में है विस्तारवाद , उसकी जमीन हड़पो नीति से भारत समेत दुनिया के 23 देश परेशान

china

गौरतलब है पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग त्सो झील और गलवां घाटी में भारत और चीन के बीच बना सैन्य तनाव कम नहीं हुआ है, जहां भारत द्वारा एलएसी के निकट एक सड़क निर्माण को लेकर चीन ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद एलएसी के पार चीनी टुकड़ियों के जमा होने के बाद भारत ने भी एलएसी पर भारत जवानों को तैनात कर दिया था।

china

कल से दिल्‍ली में आर्मी कमांडर्स की मीटिंग, चीन और पाकिस्‍तान पर होगी चर्चा

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना ने गलवां सेक्टर में अपने संसाधन तैनात करने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि भारत अपनी सीमाओं की पवित्रता बनाए रखने के संबंध में कोई समझौता नहीं करेगा। भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन वह अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए दृढ़ है। हालांकि कुछ विपरीत रिपोर्टों के बीच भारतीय सीमावर्ती कमांडर प्रतिक्रिया में त्वरित दृढ़ता दिखाई है और एलएसी पर अपना कब्जा बनाए हुए हैं।

china

चीन के एक फैसले पर आनंद महिंद्रा ने ली चुटकी, बोले-इस शब्‍द के use के लिए इससे अच्‍छा समय नहीं

सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच वार्ताओं के पांच दौर के बाद भी यह सैन्य तनाव कम नहीं हो पाया है। गत पांच मई को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद गतिरोध वाली जगह पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई थी। इसके बाद उत्तरी सिक्किम में भी ऐसी ही घटना हुई थी। सूत्रों का कहना है कि जब तक इस मसले का हल नहीं निकलता है तब तक सैन्य कमांडर वार्ता करना जारी रखेंगे।

china

चीन ने दक्षिण चीन सागर पर गैर-कानूनी दखल से किया इनकार, लेकिन रक्षा बजट पर सवाल बरकरार!

उधर, भारतीय सेना के शीर्ष सैन्य कमांडर बुधवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय सम्मलेन के दौरान पूर्वी लद्दाख के कुछ इलाकों में भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध की गहन समीक्षा करेंगे। सूत्रों ने कहा कि कमांडर जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी चर्चा करेंगे।

china

ताइवान पर मोदी सरकार के इस फैसले से चीन को लगी मिर्ची, भारत से कहा-इस मसले से दूर रहो

इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भी इस दौरान चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान मुख्य रूप से ध्यान पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर ही होगा, जहां पैंगोंग त्सो, गल्वान घाटी, देमचोक और दौलत बेग ओल्डी में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने अड़े हैं।

china

दक्षिणी चीन सागर पर चीन चाहता है अपना एकछत्र राज, विवादित सागर पर जबरन चला रहा है चीनी कानून

उल्लेखनीय है चीन ने लद्दाख में गलवां नदी के आसपास भारत की ओर से एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी। सूत्रों के मुताबिक सड़क का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है। पांच मई को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे।

LAC के निकट सड़क निर्माण को लेकर पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
High-level military commanders from India and China met on the Line of Actual Control (LAC) on 22 May and 23 May to negotiate a standoff site in eastern Ladakh. The meeting took place in eastern Ladakh to ease tensions. According to a top source, apart from senior military commander-level talks, parallel diplomatic channels in New Delhi and Beijing are also working towards a peaceful settlement.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more