घर पहुंचने के लिए कभी औरत तो कभी मर्द बन रहे 'बैल', रोंगटे खड़े कर देगा ये दर्दनाक VIDEO
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से मजदूरों के पलायन की कई बेहद दिल दहलाने वाली और मार्मिक तस्वीरें सामने आ रही हैं। प्रवासी मजदूरों का ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में प्रवासी मजदूर बैल के साथ जुतकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ी खींचते देखा जा सकता है। यह वीडियो मध्य प्रदेश के इंदौर बाईपास का बताया जा रहा है।

बैल के साथ जुतकर राजमार्ग पर गाड़ी खींचता दिखा तंगहाल परिवार
सोशल मीडिया के दावों के मुताबिक यह वीडियो इंदौर जिले से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे 3 (आगरा-मुंबई राजमार्ग) का बताया जा रहा है। इस वीडियो में हाइवे पर एक बैलगाड़ी धीमी चाल से जाती दिखायी दे रही है। जिसमें एक बैल और एक व्यक्ति साथ-साथ जुते नजर आते हैं। घर-गृहस्थी के कुछ सामान से लदी बैलगाड़ी में दो महिलाएं और एक युवक बैठा दिख रहा है। जबकि एक युवक साथ-साथ पैदल चल रहा है।

देशभर में लॉकडाउन हुआ तो काम धंधा बंद हो गया
बैल के साथ खुद को जोतने वाले युवक का नाम राहुल है। ये सभी इंदौर शहर के पास स्थित पत्थरमुंडला गांव का रहने वाले हैं और महू से जा रहे हैं। ये परिवार रोजी-रोटी की तलाश में कुछ समय पहले इंदौर आ गया था। यहां उसने बैलगाड़ी खरीदी और ढुलाई का काम करने लगा। लेकिन कोरोना के उनकी पूरी ज़िंदगी ही तहस-नहस कर दी। देशभर में लॉक डाउन हुआ तो काम धंधा बंद हो गया। कुछ दिन तो जैसे-तैसे कट गए लेकिन धीरे-धीरे घर में रखे अनाज के दाने और जेब में रखी पाई-पाई भी ख़त्म हो गयी।
कभी औरत तो कभी मर्द ने कंधे पर रख खींची बैलगाड़ी
राहुल ने बताया कि, लॉकडाउन के कारण बसें भी नहीं चल रही हैं। अगर बसें चलतीं, तो हम बस से ही सफर करते। मेरे पिता, मेरा भाई और मेरी बहन आगे पैदल चले गये हैं। आखिर हम क्या करें? मेरे पास दो बैल थे। लेकिन मेरे घर में आटा और खाना पकाने का दूसरा सामान खत्म हो गया था। इसके चलते मैंने 15,000 रुपये कीमत का एक बैल केवल 5,000 रुपये में 15 दिन पहले ही बेच दिया ताकि मैं अपने घर का खर्च चला सकूं। राहुल थक गया तो रास्ते में कुछ देर उसकी भाभी बैल के साथ गाड़ी में जुती और फिर गाड़ी खींचती हैं।












Click it and Unblock the Notifications