Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Mayawati: BSP के सभी पदों से आकाश आनंद की क्यों हुई छुट्टी, मायावती से क्या कह गए थे कांशीराम? 5 बड़ी बातें

Mayawati BSP News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने एक बड़ा राजनीतिक निर्णय लेते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है। यह कदम पार्टी के भीतर गहरे बदलाव और अनुशासन स्थापित करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। एक साल के अंदर यह दूसरी बार है कि बीएसपी चीफ ने अपने भतीजे पर सख्त एक्शन लिया है, लेकिन अबकी बार मामला पारिवारिक विवाद ज्यादा लग रहा है।

वैसे इस फैसले के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें पार्टी विरोधी गतिविधियों से लेकर कांशीराम की राजनीतिक सोच का पालन करने तक की बातें शामिल हैं।

mayawati
आइए इस पूरे घटनाक्रम की पांच बड़ी बातें समझते हैं:

Mayawati BSP: आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निष्कासन का सीधा असर

बीएसपी की ओर से मायावती के फैसले को लेकर जो आधिकारिक बयान जारी किया गया है, उससे साफ लगता है कि आकाश आनंद को पद से हटाने की प्रमुख वजह उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ की पार्टी से निष्कासन से जुड़ा है।

मायावती का आरोप है कि अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी के भीतर गुटबाजी को बढ़ावा दिया, जिससे पार्टी कमजोर हुई। उनका मानना है कि आकाश आनंद पर उनके ससुर का प्रभाव बना हुआ था, जो पार्टी के लिए हानिकारक हो सकता था। यही कारण है कि मायावती ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया।

Mayawati BSP: कांशीराम की विचारधारा के पालन करने का दावा

मायावती ने अपने फैसले को सही ठहराने के लिए कांशीराम की विचारधारा का हवाला दिया है। बीएसपी सुप्रीमो के मताबिक कांशीराम कहते थे कि नाते-रिश्तेदार पार्टी में आ सकते हैं, लेकिन अगर वे उनके नाम का दुरुपयोग करेंगे और पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगे तो उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। मायावती ने खुद को कांशीराम की उत्तराधिकारी बताते हुए इसी तर्क के आधार पर आकाश आनंद पर कार्रवाई की है।

उनके मुताबिक, 'उनके पद्चिन्हों पर चलकर ही मैंने अभी उनकी एक ईमानदार और निष्ठावान शिष्या एवं उत्तराधिकारी होने नाते अशोक सिद्धार्थ को जो आकाश आनंद के ससुर भी हैं, उसे अब पार्टी और मूवमेंट के हित में पार्टी से निकाल कर बाहर किया है, जिसने उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में पार्टी को दो गुटों में बांटकर इसे कमजोर करने का अति-घिनौना कार्य किया है, जो कतई भी बर्दाश्त करने के लायक नहीं है; और यह सब उनकी लड़के की शादी में भी भी देखने को मिला है।'

Mayawati Akash Anand: 'सास-बहू' के झगड़े में नप गए आकाश आनंद?

मायावती का दावा है कि बीएसपी और उसके मूल विचारधारा को सुरक्षित रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी संस्थापक कांशीराम के बताए गए सिद्धांतों के आधार पर उन्होंने यह कठोर निर्णय लिया है।

उनका मानना है कि आकाश आनंद का अपनी पत्नी के जरिए अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहना पार्टी के लिए हानिकारक हो साबित सकता है। इसलिए,पार्टी की मजबूती और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। बता दें कि आकाश आनंद की पत्नी रिश्ते में मायावती की बहू होंगी।

बीएसपी अध्यक्ष के अनुसार, 'अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकालने के बाद उसकी लड़की का आकाश पर प्रभाव को गंभीरता से देखना होगा, जो अबतक कतई पॉजिटिव नहीं लग रहा है.....आकाश को उनके ससुर की वजह से ही पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से हटाया गया है, आकाश के ससुर ने आकाश आनंद का पॉलिटिकल करियर खराब कर दिया है।'

Mayawati BSP: आकाश आनंद पर गाज, उनके पिता आनंद कुमार को प्रमोशन

आकाश आनंद को हटाने के बाद मायावती ने उनके पिता और अपने सबसे छोटे भाई पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार और रामजी गौतम को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। इससे संकेत मिलता है कि मायावती अब पार्टी के पुराने और भरोसेमंद नेताओं पर ज्यादा भरोसा करना चाह रही हैं।

आनंद कुमार को हमेशा से ही मायावती के करीबी सहयोगी के रूप में देखा गया है,और उनके मुताबिक उन्होंने कभी भी उन्हें निराश नहीं किया है। मायावती की ओर से एक तरह से यह भी हिदायत दी गई है गई है कि आनंद कुमार अब अपने बेटे से कोई राजनीतिक रिश्ता नहीं रखेंगे। इससे लगता है कि बीएसपी अब परिवारवाद को सीमित करके अपने कोर सिद्धांतों पर लौटने की कोशिश कर रही है।

Mayawati Akash Anand: मायावती ने उत्तराधिकारी का सवाल भी हमेशा के लिए कर दिया फिक्स!

मायावती ने स्पष्ट कर दिया कि बीएसपी में अब कभी भी कोई उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा,और पार्टी उनके नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक पार्टी में उनका ही नेतृत्व रहेगा। यह बयान यह भी संकेत देता है कि मायावती पार्टी के अंदर किसी भी संभावित गुटबाजी या उत्तराधिकार विवाद को रोकना चाहती हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+