कौन हैं मायावती के भतीजे आकाश आनंद, जिन्हें BSP सुप्रीमों ने बनाया था अपना उत्तराधिकारी, क्या करते हैं ये?
Who is Mayawati nephew Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को 10 दिसंबर दिसंबर 2023 में अपना उत्तराधिकारी बनाया था और 7 मई 2024 में उन्हें उस पद से हटा दिया।
28 वर्षीय आकाश आनंद को मायावती ने अपनी पूरी विरासत सौंप दी थी लेकिन उनकी एक बयान ने उनसे सबकुछ छीन लिया। जिसके बाद से आकाश आनंद को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं, हर कोई ये जानना चाहता है कि वो कौन हैं और क्या करते हैं। तो आइए जानें मायावती के भतीजे आकाश आनंद के बारे में?

Who is Akash Anand: कौन हैं आकाश आनंद
- -बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के भतीते आकाश आनंद पिछले साल से राजस्थान में पार्टी के मामलों के प्रभारी हैं।
- -28 वर्षीय आकाश आनंद को कई मौकों पर पार्टी हलकों में देखा गया है। आकाश आनंद बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) के आधिकारिक पद पर हैं।
- आकाश आनंद मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं।
- 2019 में मायावती के भाई आनंद कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया था।
- -आकाश आनंद के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के मुताबिक, वह खुद को "बाबा साहेब के दृष्टिकोण का एक युवा समर्थक" बताते हैं।
- -आकाश आनंद लंदन से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) कर चुके हैं।
Akash Anand Political career: आकाश आनंद की राजनीति में एंट्री
- आकाश आनंद की राजनीति में एंट्री साल 2017 में हुई थी। ये पहली बार था जब आकाश आनंद को सहारनपुर रैली में मायावती के साथ मंच पर देखा गया था। उसी वक्त से ये बात कही जा रही थी कि मायावती इन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाएंगी।
- अगस्त 2023 से लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में आकाश आनंद की उपस्थिति को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी में उनके बढ़ते कद का एक और उदाहरण देखा गया था। लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों का जायजा लेने के लिए यह बैठक मायावती की अध्यक्षता में बुलाई गई थी।

- -उसी महीने आकाश आनंद ने पार्टी की 14 दिवसीय 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय संकल्प यात्रा' का भी नेतृत्व किया था।
- - आकाश आनंद को मीडिया में तब प्रसिद्धि मिली जब मायावती ने घोषणा की कि उनका भतीजा बहुजन समाज पार्टी आंदोलन का हिस्सा बनेगा।
- - उन्होंने 2019 में अपनी पहली राजनीतिक रैली को संबोधित करते हुए लोगों को समाजवादी पार्टी-बसपा-राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया, जब चुनाव आयोग ने मायावती पर 48 घंटे का अभियान प्रतिबंध लगाया था।












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