मायावती की अपने विधायकों से अपील, कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए दें 1-1 करोड़ रुपए
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने अपने तमाम विधायकों से कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में आर्थिक मदद देने की अपील की है। मायावती ने अपने सभी विधायकों से अपील की है कि वह पार्टी के सांसदों की तरह अपनी विधायक निधि से कम से कम एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद जरूर करें। बता दें कि इससे पहले समाज के तमाम वर्ग के लोग कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आर्थिक सहयोग का ऐलान किया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है लोग पीएम केयर्स में दान दें।
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सभी विधायक दें एक करोड़
मायावती ने ट्वीट करके लिखा, देशभर में कोरोनावायरस की महामारी के प्रकोप के मद्देनजर खासकर यूपी के बीएसपी विधायकों से भी अपील है कि वे भी पार्टी के सभी सांसदों की तरह अपनी विधायक निधि से कम से कम 1-1 करोड़ रु अतिजरूरतमन्दों की मदद हेतु जरूर दें। बीएसपी के अन्य लोग भी अपने पड़ोसियों का जरूर मानवीय ध्यान रखें। इसके अलावा मायावती ने विश्व बैंक से मिली आर्थिक मदद के इस्तेमाल करने को लेकर भी सरकार से अपील की है।

सरकार से की अपील
ट्वीट करके मायावती ने लिखा, केन्द्र सरकार से भी अपील है कि विश्व बैंक से मिले 100 करोड़ डालर की कोरोना सहायता को विशेषकर स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने में उचित इस्तेमाल करे ताकि कोरोना प्रकोप को सही नियोजित तौर पर रोका जा सके। जनता से भी अपील है कि वे आपदा की इस घड़ी में सरकार का सहयोग करें। इससे पहले भी मायावती ने कोरोना को लेकर कई ट्वीट करके अपनी ओर से सरकार से अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देश में जारी जबर्दस्त लॉकडाउन के दौरान जनउपेक्षा व जुल्म-ज्यादती की अनेकों तस्वीरें मीडिया में आम हैं परन्तु प्रवासी मजदूरों पर यूपी के बरेली में कीटनााशक दवा का छिड़काव करके उन्हें दण्डित करना क्रूरता व अमानीवयता है जिसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम है। सरकार तुरन्त ध्यान दे।

केंद्र के आर्थिक पैकेज की तारीफ
लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक पैकेज की तारीफ करते हुए मायावती ने कहा था, देश भर में कोरोना की मार व सरकारी लॉकडाउन से निपटने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा आज घोषित किया गया आर्थिक पैकेज सराहनीय कदम है। साथ ही, अपने-अपने घरों को वापस लौटने को मजबूर लोगों को इधर-उधर बेसहारा भटकने देने के बजाए उन्हें उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की भी अपील। वहीं प्रवासी मजदूरों पर मायावती ने कहा था, बेहतर होता कि केन्द्र सरकार राज्यों का बॉर्डर सील करके हजारों प्रवासी मजदूरों के परिवारों को बेआसरा व बेसहारा भूखा-प्यासा छोड़ देने के बजाए दो-चार विशेष ट्रेनें चलाकर इन्हें इनके घर तक जाने की मजबूरी को थोड़ा आसान कर देती।












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