अारीफ की वजह से महाराष्ट्र का कल्याण हुआ बदनाम
कल्याण। महाराष्ट्र का एक छोटा सा कस्बा कल्याण इस समय फिर से खबरों में आ गया है। काला तालाओ और गणेश घाट के साथ ही बिड़ला मंदिर की खूबसूरती से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने वाले कल्याण को इस समय आरीफ मजीद और उसके तीन और साथियों की वजह से अब गलत कारणों से सुर्खियों में आ गया है।

ISIS के लिए फायदे की जगह कल्याण
महाराष्ट्र का कल्याण वह कस्बा है जिसने कभी मुगलों का प्रतिरोध झेला था और आज फिर से कल्याण आईएसआईएस जैसी एक गंभीर समस्या का सामना करने को मजबूर है। जीं हां इस्लामिक स्टेट के लिए अब यह इलाका शायद फायदे के इलाके में तब्दील हो गया है।
पिछले दिनों इराक से वापस लौटे मजिद, जो फिलहाल एनआइए की कस्टडी में है, उसकी वापसी ने कई ऐसी अहम जानकारियां दी हैं जिससे साफ पता लगता है कि कल्याण आईएसआईएस के आतंकियों के लिए काफी अहम है।
एनआईए कल्याण में आईएसआईएस की भर्ती प्रक्रिया के बारे में गहनता से जांच कर रही है। जो जानकारी मजिद की ओर से उसे मिली है उसमें मजिद ने दावा किया है कि करीब 20,000 वेबसाइट को खंगाला और तब जाकर उसे कई जानकारियां मिल सकीं।
एनआईए की ओर से कहा गया है कि यह वे वेबसाइट्स हैं जिन्हें आईएसआईएस ही चला रहा है और इन वेबसाइट्स के साथ इस संगठन का जुड़ाव लोगों पर खासा प्रभाव डाल रहा है। एनआईए की मानें तो आईएसआईएस ने इन वेबसाइट्स पर लोगों को ब्रेनवॉश के लिए पर्याप्त साहित्य अपलोड कर रखा है।
ग्लोबल आर्मी तैयार करने में लगा ISIS
वनइंडिया को मजीद के कुबूलनामे से जुड़ी जो भी जानकारियां मिली है , वे सारी जानकारियां इसी ओर इशारा करती हैं कि आईएसआईएस के पास एक पूरा नेटवर्क है। एक ऐसा नेटवर्क जिसे यह बात बखूबी मालूम है कि वह कैसे इंजीनियरिंग के छात्रों को आईएसआईएस का हिस्सा बनने पर मजबूर कर दे।
मजीद की ओर से जो जानकारियां दी गई हैं, उनके मुताबिक आईएसआईएस हर देश से युवाओं को संगठन में शामिल कर रही है और हर देश के युवा को अलग-अलग काम करने को दिए जाते हैं। आईएसआईएस का मकसद एक ग्लोबल इस्लामिक काउंसिल की स्थापना करना है।












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