Karnataka: पंचमसाली लिंगायतों से किए वादे से पीछे हट गई सिद्दारमैया सरकार? कांग्रेस ने कहा क्या था?
Karnataka Lingayat Panchamasali Protest: कर्नाटक में लिंगायतों की करीब 17% आबादी बताई जाती है। इनकी लगभग 70% जनसंख्या वाली उपजाति लिंगायत पंचमसाली समुदाय के लोग इस समय आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें 2ए ओबीसी श्रेणी के आरक्षण का लाभ दिया जाए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इस समुदाय की मांग को 'असंवैधानिक' कहा है। लेकिन, समुदाय का दावा है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले ऐसा करने का वादा किया था।
कुदालसंगमा पंचमसाली पीठ के संत बसावा जया मृत्युंजय स्वामी लिंगायत पंचमसाली समुदाय के आरक्षण आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। यह समुदाय अभी ओबीसी की 3बी श्रेणी में है। इसमें उन्हें ओबीसी आरक्षण का 5% कोटा मिल रहा है। लेकिन, यह चाहते हैं कि उन्हें 2ए श्रेणी में शामिल किया जाए, ताकि 15% कोटे का लाभ मिल सके। कर्नाटक के बेलगावी में इस समय विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है, इसलिए यह वहीं पर आंदोलन कर रहे हैं।

कर्नाटक में लिंगायत पंचमसाली के आंदोलन पर राजनीति गरम
इसी आंदोलन के दौरान 11 दिसंबर,2024 को इनके खिलाफ कर्नाटक पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई आंदोलनकारी और पुलिस वाले जख्मी हो गए। इस वजह से यह मामला और तूल पकड़ चुका है और विपक्षी बीजेपी भी कांग्रेस की सिद्दारमैया सरकार पर आंदोलन को कुचलने की कोशिश का आरोप लगा रही है।
बीजेपी सरकारों में लिंगायत पंचमसाली की मांग पर क्या हुआ?
इस बीच इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में पंचमसाली लिंगायतों के संत जया मृत्युंजय स्वामी ने जो कुछ आरोप लगाया है, उससे कांग्रेस और सिद्दारमैया सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि जब येदियुरप्पा सीएम थे, तो उनके प्रदर्शनों के बाद उन्होंने इस समुदाय को 2ए श्रेणी में शामिल करने का वादा किया था।
लेकिन,उसके बाद ही वे हट गए। फिर जब बसवराज बोम्मई सीएम बने तो 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने पंचमसाली लिंगायतों को 2डी श्रेणी में शामिल करने की घोषणा कर दी, जिसके तहत 7% आरक्षण की सुविधा है।
कांग्रेस ने सरकार बनते ही 2ए श्रेणी में शामिल करने का किया था वादा-जया मृत्युंजय स्वामी
उनका दावा है,'उस दौरान हम उन्हें (बोम्मई) समर्थन दे सकते थे,लेकिन सिद्दारमैया की कांग्रेस ने हमसे 2ए श्रेणी का दर्जा देने का वादा किया। कांग्रेस के नेता हमारे आंदोलन में शामिल थे और 'सरकार बनने के 24 घंटे के अंदर' 2ए आरक्षण दिए जाने का वादा किया था।'
15% कोटे का वादा करके वोट बटोर ले गई कांग्रेस- नेता, पंचमसाली लिगायत
उन्होंने बताया, 'इसलिए पंचमसाली लिंगायतों ने जो कि बीजेपी को समर्थन देते थे, विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को वोट दिया। हमारे ही वोटों की बदौलत सिद्दारमैया की सरकार बनी।'
उन्होंने कहा है कि 'चुनावों से पहले (कांग्रेस नेताओं की ओर से) जो वादे किए गए थे, उसे नहीं निभाया गया, इसलिए हम इस सरकार से बहुत ही ज्यादा असंतुष्ट हैं।...... सीएम सिद्दारमैया ने मुझे मीटिंग के लिए बुलाया, लेकिन यह भरोसा नहीं दिया कि समुदाय को 2ए का दर्जा दिया जाएगा। हमारे प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में कई किसान जख्मी हो गए। पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे पंचमसाली नेताओं पर हमले किए और केस दर्ज किए।'
सिद्दारमैया से 'असंवैधानिक' टिप्पणी पर माफी मांगने की मांग
उन्होंने कांग्रेस हाई कमान को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो अगले चुनाव में एक भी पंचमसाली वोट पार्टी को नहीं मिलेंगे और ना ही वे सत्ता में वापस आ सकेंगे। उन्होंने सिद्दारमैया से उनकी मांगों को 'अंसवैधानिक' बताने के लिए माफी मांगने को भी कहा है।
बता दें कि गुरुवार को विधान परिषद में सिद्धारमैया ने बताया था कि समुदाय को ओबीसी श्रेणी 3बी से श्रेणी 2ए में लाने का कदम संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ है। उन्होंने कहा,'आप जो मांग कर रहे हैं, वह संविधान के अनुच्छेद 340 के खिलाफ है।'उन्होंने इस समाज पर सरकार पर 'दबाव' बनाने का भी आरोप लगाया है।
क्यों कर रहे हैं 2ए में शामिल होने की मांग?
पंचमसाली लिंगायतों की मांग है कि समुदाय के जब अन्य उपजातियों को खेतिहर होने की वजह से 2ए में शामिल किया जा चुका है तो भी उनको इससे क्यों वंचित रखा जा रहा है, जबकि उनके 95% लोग खेती से ही जुड़े हैं। इनका कहना है कि मात्र 5% आरक्षण उनके युवाओं को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में जगह दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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पंचमसाली नेताओं का कहना है कि जब एसआर बोम्मई सीएम थे तो उनके सदर लिंगायतों को यह दर्जा मिल गया और जब येदियुरप्पा सीएम थे तो उनकी बनजिगा लिंगायतों को इसका लाभ मिलना शुरू हुआ। इस तरह से अबतक लिंगायतों की 32 उपजातियों को 2ए वाले ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल रहा है।












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