Explained: Panchamasali Lingayats कौन हैं, क्यों कर रहे कोटा बढ़ाने की मांग? कर्नाटक में मच गया बवाल
Karnataka OBC quota protests turns violent: कर्नाटक के बेलगावी में आरक्षण की मांग कर रहे पंचमसाली लिंगायतों के प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को काफी बवाल हो गया। पुलिस लाठीचार्ज में कई लोग जख्मी हो गए और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लेना पड़ गया। प्रदर्शन की अगुवाई बसावा जय मृत्युंजय स्वामी कर रहे थे।
इन दिनों बेलगावी में कर्नाटक विधानसभा का शीतकालीन सत्र चल रहा है। इसी की वजह से पंचमसाली लिंगायतों को 2ए श्रेणी में शामिल करके आरक्षण का लाभ देने की मांग के समर्थन में बहुत बड़ी तादाद में लोग जुटे थे। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारी हिंसा पर उतर आए थे, जिसकी वजह से उसे लाठीचार्ज करना पड़ा।

पंचमसाली लिंगायत कौन हैं?
कर्नाटक में लिंगायत हिंदुओं का एक जातीय समुदाय है। यह वीरशैव लिंगायत कहलाते हैं। यह समुदाय 12वीं सदी के दार्शनिक-संत बसवन्ना का अनुयायी है। लिंगायतों को कर्नाटक का सबसे प्रभावशाली जातीय समुदाय माना जाता है। पंचमसाली लिंगायतों की ही सबसे बड़ी उपजाति है। पंचमसाली समुदाय के लोग तीन साल से भी ज्यादा समय से खुद को ओबीसी की 2ए श्रेणी में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
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पंचमसाली लिंगायत की आबादी कितनी है?
कहा जाता है कि लिंगायतों की कुल जनसंख्या इतनी है कि कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 90 से लेकर 100 तक पर इनका दबदबा रहता है। इसमें मुख्य रूप से खेती-किसानी करने वाले पंचमसाली लिंगायतों की आबादी इनकी जनसंख्या की 70% बताई जाती है। पंचमसाली लिंगायतों का दावा है कि इनकी जनसंख्या करीब 85 लाख है, जो कि कर्नाटक की कुल आबादी (करीब 6 करोड़) का लगभग 14% है।
पंचमसाली लिंगायतों की शिकायत क्या है
कर्नाटक की राजनीति में लिंगायतों का काफी दबदबा रहा है। बीएस येदियुरप्पा, बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार जैसे सारे नेता लिंगायत हैं। लेकिन, यह सारे नेता लिंगायतों की भिन्न उपजतियों से हैं। यही वजह है कि पंचमसाली लिंगायतों की शिकायत रही है कि ज्यादा आबादी के बावजूद राजनीति से लेकर प्रशासन तक में और आर्थिक स्तर पर भी उन्हें उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
ओबीसी की 2ए श्रेणी में शामिल होने से क्या होगा?
दरअसल, कर्नाटक में लिंगायतों को अभी 3बी श्रेणी के तहत ओबीसी कोटा का लाभ मिला हुआ है। इससे इस समुदाय को 5% कोटा या आरक्षण का लाभ मिल रहा है। लेकिन, श्रेणी 2ए के तहत 15% कोटा निर्धारित है। अगर उन्हें इस श्रेणी में शामिल कर लिया जाता है तो पंचमसाली लिंगायत को सरकारी नौकरियों और सरकारी संस्थानों में नामांकन में 15% आरक्षण का लाभ मिलने लगेगा।
कर्नाटक में किसे कितना आरक्षण?
राज्य में पिछली बीजेपी सरकार ने जो मुसलमानों को मिलने वाला 4% कोटा खत्म किया था। यह मामला अभी अदालत में लंबित है, उसके हिसाब से कर्नाटक में आरक्षण का बंटवारा इस तरह से हुआ है-
- ओबीसी कुल कोटा: 32%
- श्रेणी 1 पिछड़ा वर्ग (BC):4%
- श्रेणी 2ए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC):15%
- श्रेणी 2बी मुस्लिम: 4% कोटे को खत्म किया जा चुका है
- श्रेणी 2सी वोक्कालिगा: 6+
- श्रेणी 2डी लिंगायत: 7+
- अनुसूचित जाति (SC):17%
- अनुसूचित जनजाति (ST):7%
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 4%
- प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि EWS कोटा से अतिरिक्त 6% लिंगायतों और वोक्कालिगा में फिर से वितरित हो।
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अभी क्यों हो रहा है बवाल?
पंचमसाली लिंगायतों का प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है, जब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया विधानसभा में मुसलमानों का 4% कोटा फिर से बहाल करने का संकेत दे रहे हैं। जबकि, पिछली बीजेपी सरकार मुसलमानों को मिलने वाले 4% आरक्षण को खत्म करके,उसमें से 2% लिंगायतों को और 2% वोक्कालिगा को दे चुकी है। विधानसभा सत्र को देखते हुए ही पंचमसाली लिंगायत अपनी श्रेणी बदलने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।












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